ind vs sa: अरे आउट नहीं है वो...रोहित ने विकेट के पीछे से की कुलदीप की खिंचाई, DRS को लेकर पूर्व कप्तान का वीडियो वायरल

ind vs sa odi: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच विशाखापट्टनम में खेले गए तीसरे वनडे में रोहित शर्मा एक बार फिर पुराने अंदाज़ में नज़र आए। मैच के 43वें ओवर में हुआ एक हल्का-फुल्का पल सोशल मीडिया से लेकर ड्रेसिंग रूम तक चर्चा की वजह बन गया, जब कुलदीप यादव DRS लेने की जिद करते दिखे, लेकिन रोहित ने दूर से ही मुस्कुराते हुए साफ इशारा कर दिया कि नहीं लेना है।
यह वही क्लासिक रोहित था, जिसे फैंस उनके कप्तानी दौर से याद करते हैं-तेज़ फैसले, हाज़िरजवाबी और खिलाड़ियों के साथ गर्मजोशी भरे पल। कुलदीप को लगा कि उन्होंने टेल-एंडर को फंसा लिया है, और वे बार-बार कप्तान केएल राहुल से डीआरएस के लिए कहते रहे। इसी दौरान रोहित ने स्थिति को पढ़ते हुए दोनों को रोक दिया। कुलदीप भी मुस्कुरा पड़े। मैच के बीच का यह मजेदार पल कैमरे में कैद हो गया और अब वीडियो वायरल है।
Back to back balls where captain KL Rahul interested in taking DRS but Rohit Sharma denied. You can remove him from captaincy but not leader🫡🔥pic.twitter.com/lrJxMRnEVJ
— Vishnu (@125notoutk) December 6, 2025
एक पारी खत्म होने के बाद कुलदीप ने भी माना कि उत्साह में वे अक्सर DRS पर गलत साबित हो जाते हैं। उन्होंने कहा,'मैं DRS में बहुत खराब हूं। जब भी गेंद पैड पर लगती है, मुझे हर बार लगता है कि विकेट है। लेकिन रोहित भाई और अब केएल राहुल जैसे अनुभवी लोग मुझे शांत कर देते हैं।'
यह पल सिर्फ मनोरंजन नहीं था, बल्कि यह भी दिखाता है कि रोहित भले ही कप्तान न हों, लेकिन मैदान पर उनकी भूमिका अभी भी उतनी ही अहम है। मैच के दौरान वे लगातार गेंदबाज़ों के पास दौड़कर पहुंचते रहे, फील्ड सेटिंग पर राहुल से चर्चा करते रहे और ज़रूरत पड़ने पर हर गेंदबाज़ को टैक्टिकल सलाह देते रहे। रायपुर में फील्डिंग की गलतियों के बाद टीम को नियंत्रित रखने में भी उनकी अहम भूमिका रही।
रोहित की फील्डिंग में भी वही पुराना जोश दिखा। उन्होंने आउटफील्ड में कई रन बचाए और डेवाल्ड ब्रेविस का महत्वपूर्ण कैच पकड़कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। कुलदीप ने 4/41 और प्रसिद्ध कृष्णा ने 4/66 झटके, जिससे दक्षिण अफ्रीका 270 पर सिमट गई-वो भी इस सीरीज़ में पहली बार भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनी। मैदान पर रोहित की यही ऊर्जा, हाज़िरजवाबी और तेज़ सोच एक बार फिर याद दिलाती है कि क्यों फैंस उन्हें सिर्फ एक बल्लेबाज़ नहीं, बल्कि गेम-रीडर कहते हैं।
