Vaibhav Sooryavanshi: भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 जिताने वाले वैभव सूर्यवंशी भले ही उम्र के हिसाब से अगले 2 टूर्नामेंट खेलने के पात्र हों लेकिन वह 2028 और 2030 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वजह उनकी फॉर्म या चयन नहीं, बल्कि बीसीसीआई का सख्त नियम है, जिसकी जड़ें राहुल द्रविड़ की सोच से जुड़ी हैं।

सिर्फ 14 साल की उम्र में वैभव ने क्रिकेट की दुनिया में बड़ा नाम बना लिया। वह अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। इससे पहले आईपीएल में करोड़पति बनना और लीग का सबसे युवा शतकवीर बनना उनकी उपलब्धियों में शामिल है। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में उनकी 175 रन की पारी भारत की 100 रन की ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी वजह बनी।

14 साल के वैभव अगला वर्ल्ड कप नहीं खेल पाएंगे

युवा क्रिकेट में लगभग हर बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके वैभव सूर्यवंशी से उम्मीदें अब और बढ़ गईं। हालांकि एक रिकॉर्ड ऐसा है जो वह कभी नहीं बना पाएंगे-एक से ज्यादा अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने का। 2028 में उनकी उम्र करीब 16 साल और 2030 में 18 साल होगी, फिर भी वह नहीं खेल पाएंगे।

बीसीसीआई की सख्ती के कारण एक वर्ल्ड कप ही खेल सकते

दरअसल, बीसीसीआई के नियम के मुताबिक कोई भी भारतीय खिलाड़ी सिर्फ एक बार ही अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेल सकता। यह नियम 2016 में लागू हुआ था। इसके पीछे मुख्य वजह जूनियर क्रिकेट में उम्र छिपाने यानी एज-फर्जीवाड़े की समस्या मानी जाती है।

पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि अगर बच्चे अपने माता-पिता और कोच को गलत जन्म प्रमाणपत्र बनाते देखते हैं, तो उन्हें भी गलत रास्ता अपनाने की सीख मिलती है। द्रविड़ के इन बयानों के बाद बोर्ड ने नियमों को और सख्त कर दिया।

इस नियम के चलते सूर्यवंशी और उनकी पूरी टीम को अंडर-19 वर्ल्ड कप का सिर्फ एक मौका मिलता है। हालांकि यह उनके लिए एक नई राह भी खोलता है, क्योंकि अब उनका फोकस सीनियर टीम इंडिया में जगह बनाने पर होगा। जिस तरह उनका प्रदर्शन रहा है, उसे देखकर अब सवाल कब का है, क्या का नहीं?