वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में धमाकेदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने 7 मैच में 3 अर्धशतक के साथ एक सेंचुरी जमाई थी। इसमें, इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 175 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी शामिल है। वैभव ने फाइनल में 80 गेंद में 175 रन ठोके। उनकी इस पारी में 15 छक्के शामिल थे। इस ताबड़तोड़ पारी के कारण वैभव प्लेयर ऑफ द मैच के साथ ही टूर्नामेंट चुने गए। बेटे के इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद पिता संजीव सूर्यवंशी वैभव को लेकर बहुत खुश नहीं हैं। हालांकि, इसका कारण जानकर आपको भी गर्व ही होगा।
पिता संजीव सूर्यवंशी ने बेटे वैभव को याद दिलाया कि अभी लक्ष्य बहुत दूर है। 14 साल की उम्र में ही, वैभव सुपरस्टार बन चुके हैं। अंडर-19 विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड सेंचुरी से पहले ही वो आईपीएल में सबसे कम उम्र से सेंचुरियन बनने का कारनामा कर चुके हैं। वो उसी वक्त से सुर्खियों में हैं। कुछ लोगों के लिए वो भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे हैं लेकिन पिता का मानना है कि उनका बेट तभी बड़ा क्रिकेटर बनेगा, जब वो भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलेगा।
पिता संजीव ने वैभव को लेकर कहा, 'अभी तो शुरुआत है, अभी बहुत आगे जाना है। जब तक टेस्ट न खेले, क्या बड़ा क्रिकेटर है।'
तेंदुलकर के नक्शेकदम पर चले वैभव: पिता
संजीव नहीं चाहते कि उनका बेटा रास्ते से भटक जाए। सफलता का जश्न मनाना बहुत अच्छा है, और वह चाहते हैं कि वैभव भी ऐसा ही करे। लेकिन विनम्र रहें। सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए, जिन्होंने 16 साल की उम्र में डेब्यू किया था और 40 साल तक बिना किसी विवाद के खेले, संजीव ने बताया कि वह चाहते हैं कि उनका बेटा भी वैसा ही मुकाम हासिल करे।
पिता ने वैभव को दिया एक मंत्र
संजीव ने आगे कहा, 'मैंने हमेशा उससे (वैभव) कहा है, जितना अच्छा खेलो, उतना ही झुक के रहो। अपने सीनियर्स और कोच से बात करते रहो; उनसे पूछो कि तुम कहां सुधार कर सकते हो। हां, तुमने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में एक बड़ी सेंचुरी बनाई है, लेकिन वह हो चुका। गोल इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना है। मैंने उसे सचिन तेंदुलकर का रेफरेंस दिया। उसने बहुत रन बनाए, और उसके आस-पास कभी कोई कॉन्ट्रोवर्सी नहीं हुई। क्रिकेट की दुनिया उसे बहुत पसंद करती है।'