भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने घरेलू खिलाड़ियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम लागू करने का फैसला किया। ऐसा करने वाला यह देश का पहला राज्य क्रिकेट संघ बन गया।
अब तक भारत में केवल इंटरनेशनल खिलाड़ियों को ही सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मिलता था, लेकिन एमसीए ने घरेलू स्तर पर भी खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया। इस फैसले से मुंबई के घरेलू क्रिकेटरों को स्थिरता और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
एमसीए के मुताबिक, खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए उनके प्रदर्शन, फिटनेस और चयन समिति की सिफारिश को आधार बनाया जाएगा।खिलाड़ियों को तीन ग्रेड में बांटा जाएगा- ए, बी और सी।
- ग्रेड A के खिलाड़ियों को सालाना 12 लाख से 20 लाख रुपये तक मिलेंगे।
- ग्रेड B में आने वाले खिलाड़ियों को 8 लाख से 12 लाख रुपये तक की रकम दी जाएगी।
- वहीं ग्रेड C के खिलाड़ियों को 8 लाख रुपये सालाना मिलेंगे।
हालांकि एमसीए ने अभी यह साफ नहीं किया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम पुरुष और महिला दोनों टीमों पर लागू होगा या नहीं। इसको लेकर आगे और स्पष्टता आने की उम्मीद है। सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट राशि ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को मैच फीस, डेली अलाउंस और प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त इंसेंटिव भी मिलेंगे। यानी खिलाड़ी जितना अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें उतना ज्यादा फायदा मिलेगा।
एमसीए ने अपने बयान में कहा कि यह सिस्टम खासतौर पर उन खिलाड़ियों के लिए तैयार किया गया है, जो बड़े स्तर पर खेलने के करीब हैं। इससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे बिना दबाव के लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।
इस फैसले पर एमसीए के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा कि यह मुंबई क्रिकेट के लिए एक नए दौर की शुरुआत है। उन्होंने कहा, 'हमें गर्व है कि हमने यह पहल की है। इससे खिलाड़ियों को सुरक्षा, संरचना और आगे बढ़ने के बेहतर मौके मिलेंगे। यह हमारे विजन का हिस्सा है, जिसमें हम मुंबई क्रिकेट की नींव को और मजबूत करना चाहते हैं।'
मुंबई क्रिकेट भारत के सबसे सफल घरेलू क्रिकेट सिस्टम में से एक रहा है और यहां से कई दिग्गज खिलाड़ी निकले हैं। ऐसे में यह नया कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम आने वाले समय में दूसरे राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। कुल मिलाकर, एमसीए का यह कदम घरेलू क्रिकेट को और प्रोफेशनल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे युवा खिलाड़ियों को सीधे फायदा मिलेगा