INDW vs AUSW: होबार्ट में आज जो हुआ, वो महिला वनडे क्रिकेट की यादगार शाम बन गया। एलिसा हीली ने अपने आखिरी वनडे में 98 गेंदों पर 158 रन ठोककर परीकथा जैसी विदाई ली। उनके साथ बेथ मूनी ने नाबाद 106 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ 7 विकेट पर 409 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।
हीली ने 27 चौके और 2 छक्के जड़े। ये उनकी आठवीं वनडे सेंचुरी थी और वो वनडे में दो बार 150+ स्कोर बनाने वाली दुनिया की छठी महिला और दूसरी ऑस्ट्रेलियाई बनीं। 95 गेंदों पर 150 रन पूरा कर उन्होंने दूसरा सबसे तेज 150 भी बनाया। ये ऑस्ट्रेलिया में महिला वनडे का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है और भारत के खिलाफ भी सबसे ऊंचा। अपने आखिरी वनडे में शतक जड़ने वाली वो जोहमारी लोगटेनबर्ग के बाद सिर्फ दूसरी महिला बनीं।
हीली ने विदाई मैच में खेली मैराथन पारी
मैच की शुरुआत दिलचस्प रही। भारत ने हीली को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। रेणुका सिंह ने पहली ही ओवर में मेडन डाली। लेकिन काश्वी गौतम पर पुल शॉट से हीली ने खाता खोला। रेणुका की एक एल्बीडब्ल्यू अपील डीआरएस में अंपायर कॉल निकली- वो लम्हा हीली के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। 49 गेंदों पर उन्होंने अर्धशतक पूरा किया।
वोल ने 62 रन ठोके
दूसरे छोर से जॉर्जिया वोल ने 52 गेंद में 62 रन ठोके। दोनों के बीच 104 रन की साझेदारी हुई। वोल को भी दो जीवनदान मिले, लेकिन स्नेह राणा की गेंद पर वो आउट हो गईं। इसके बाद हीली ने गियर बदल दिया। ऑफ साइड पर लगातार चौके, लॉन्ग ऑन पर स्लॉग स्वीप और डीप्टी शर्मा की गेंद सीधे डगआउट में। 79 गेंद में सेंचुरी और फिर सिर्फ 16 गेंद में 100 से 150 तक पहुंच गईं। हालांकि पिंडली में खिंचाव साफ दिख रहा था। 200 की उम्मीद लग रही थी, लेकिन स्नेह राणा की फुल टॉस पर अजीब रिवर्स पैडल की कोशिश में वो बोल्ड हो गईं। 13.3 ओवर बाकी थे।
मूनी ने शुरुआत धीमी की- 12 गेंद में सिर्फ 2 रन, लेकिन फिर 53 गेंद में पचासा और अगली 29 गेंद में दूसरा। 84 गेंद में 106* रन बनाकर उन्होंने दिखाया कि 360 डिग्री शॉट्स क्या होते हैं? आखिरी 40 गेंद में सिर्फ दो डॉट बॉल खेलीं। उनके साथ निकोला कैरी ने 15 गेंद में नाबाद 34 रन जोड़े। आखिरी ओवर में श्री चरणी से 22 रन निकले, जिसमें एक रिवर्स स्वीप पर छक्का भी शामिल था।
भारत की गेंदबाजी दिनभर जूझती रही। श्री चरणी 100+ रन देने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय महिला बनीं। तीन गेंदबाजों ने 80 से ज्यादा रन दिए, जो भारतीय महिला वनडे इतिहास में पहली बार हुआ। मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया ने लेफ्ट-आर्म तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन को डेब्यू कराया। होबार्ट की ये शाम हीली के नाम रही, एक ऐसा विदाई शो, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।