श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऐसी पारी खेली, जिसने पूरे टूर्नामेंट का रुख बदल दिया। पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में निसांका ने 52 गेंदों पर नाबाद 100 रन ठोकते हुए ऑस्ट्रेलिया को लगभग बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह इस संस्करण का पहला शतक रहा और इसी के साथ श्रीलंका ने सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली।
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 181 रन बनाए। मिशेल मार्श और ट्रैविस हेड ने अर्धशतक जड़े, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर स्कोर को काबू में रखा। जवाब में श्रीलंका की शुरुआत डगमगाई और कुसल परेरा जल्दी आउट हो गए। इसके बाद निसांका और कुसल मेंडिस ने पारी को संभाला। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 97 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें मेंडिस ने 38 गेंदों पर 51 रन बनाए।
निसांका ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया और सिर्फ 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। बीच के ओवरों में उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। आखिरी छह ओवर में जब 60 से ज्यादा रनों की जरूरत थी, तब उन्होंने लगातार बाउंड्री और छक्के लगाकर मैच का रुख पलट दिया। 10 चौके और 5 छक्कों से सजी उनकी पारी ने दो ओवर शेष रहते जीत सुनिश्चित कर दी।
यह शतक श्रीलंका के टी20 विश्व कप इतिहास में खास मील का पत्थर है। 2010 में महेला जयवर्धने के बाद वे वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले दूसरे श्रीलंकाई बल्लेबाज बने। इस जीत के साथ श्रीलंका ने लगातार तीसरी ग्रुप जीत दर्ज की, जबकि ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें अब अन्य टीमों के परिणामों पर टिकी हैं।
निसांका की यह पारी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही बल्कि यह श्रीलंका के आत्मविश्वास, आक्रामक सोच और बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता का प्रतीक बन गई है।
