ind vs pak u19: फिर नहीं मिले हाथ, आयुष म्हात्रे ने किया पाकिस्तान के कप्तान को नजरअंदाज

ind vs pak u19 no handshake
ind vs pak u19 no handshake: आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच सुपर सिक्स मुकाबले की शुरुआत मैदान पर एक सख्त और सधा हुआ संदेश देकर हुई। बुलावायो में टॉस के लिए जब भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे और पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ आमने-सामने आए, तो क्रिकेट की पारंपरिक शिष्टाचार यानी हैंडशेक या हाथ मिलाना नजर नहीं आया। यह न कोई जल्दबाजी थी, न ही निजी नाराजगी, बल्कि एक सोची-समझी और पहले से तय नीति का हिस्सा था।
भारतीय टीम का यह 'नो हैंडशेक' रुख नया नहीं। इसकी शुरुआत 2025 एशिया कप के दौरान भारतीय सीनियर मेंसल टीम ने की थी, जिसकी कप्तानी तब सूर्यकुमार यादव कर रहे थे। यह फैसला पहलगाम आतंकी हमलों में शहीद हुए भारतीय जवानों और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाने के तौर पर लिया गया था। इसके बाद भारतीय महिला टीम और इंडिया ए टीमों ने भी इसी नीति का पालन किया।
🚨 “NO HANDSHAKE” ONCE AGAIN! 🚫
— 🦋 Laraib Fatima 🦋 (@Laraib_Fatiima) February 1, 2026
This time between the 🇵🇰 U19 and 🇮🇳 U19 boys!
From seniors to U19s, such incidents reflect poor sportsmanship in cricket. ⚠️#CricVerse | #INDvsPAK | #U19WorldCup2026 pic.twitter.com/dnn1drVNRS
अब अंडर-19 टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी टॉस पर हाथ न मिलाकर साफ कर दिया कि जूनियर टीम भी बीसीसीआई के उसी राष्ट्रीय रुख के साथ खड़ी। बताया गया है कि मैच अधिकारियों को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि टॉस के समय औपचारिक हैंडशेक नहीं होगा।
इस फैसले के पीछे हालिया इतिहास भी रहा है। 2025 के अंत में खेले गए अंडर-19 एशिया कप फाइनल के दौरान आयुष म्हात्रे और पाकिस्तान के बल्लेबाज अली रज़ा के बीच मैदान पर तीखी बहस देखने को मिली थी, जिसने दोनों टीमों के बीच तनाव को और उजागर किया था। हालांकि ICC ने पहले क्रिकेट बोर्ड से अपील की थी कि युवा क्रिकेट में राजनीति और प्रतीकात्मक विरोध से दूरी रखी जाए ताकि स्पिरिट ऑफ द गेम बना रहे लेकिन बीसीसीआई का मानना है कि यह राष्ट्रीय भावना और सम्मान से जुड़ा मामला है।
मैच की बात करें तो पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत की शुरुआत अच्छी रही, जहां वैभव सूर्यवंशी और एरन जॉर्ज ने मजबूत साझेदारी की। लेकिन इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। मोहम्मद सय्याम ने वैभव को 30 रन पर आउट किया और कप्तान आयुष म्हात्रे को खाता खोले बिना पवेलियन भेज दिया। इसके बाद अब्दुल सुभान ने एरन जॉर्ज (16) को आउट कर भारत को दबाव में डाल दिया।
अब भारतीय टीम को विहान मल्होत्रा और वेदांत त्रिवेदी से पारी संभालने की उम्मीद है। पांच बार की चैंपियन भारत इस मैच में एशिया कप फाइनल की हार का हिसाब बराबर करना चाहेगा।
