ind vs nz: ‘रोहित की सफलता का 5% भी नहीं...' पूर्व भारतीय दिग्गज ने टीम इंडिया के कोच को लगाई फटकार

Rohit sharma india vs new zealand
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रोहित शर्मा को लेकर दिए गए बयान के कारण भारतीय टीम के कोच विवादों में आ गए। 

रोहित शर्मा पर टिप्पणी को लेकर भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट विवादों में आ गए हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने इसे लेकर कहा कि रयान ने रोहित की सफलता का 5 फीसदी भी हासिल नहीं किया है।

भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट का एक बयान अब विवाद की वजह बन गया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने रोहित शर्मा को लेकर किए गए कमेंट की खुलकर आलोचना की और साफ कहा है कि टेन डोशेट को ऐसे बयान देने से पहले सोचना चाहिए। तिवारी ने दो टूक कहा कि खिलाड़ी के तौर पर रयान टेन डोशेट, रोहित शर्मा की सफलता का 5 फीसदी भी हासिल नहीं कर पाए।

दरअसल, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे के बाद रयान टेन डोशेट ने रोहित शर्मा की धीमी बल्लेबाज़ी पर सफाई देते हुए कहा था कि सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की पिच रोहित के टच प्ले के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि रोहित सीरीज़ से पहले थोड़े क्रिकेट से दूर रहे थे।

यही बात रोहित के फैंस को चुभ गई। सोशल मीडिया पर इसे रोहित के टेस्ट और टी20 से संन्यास से जोड़कर देखा गया और इसे तंज माना गया। इसके बाद मनोज तिवारी सामने आए और उन्होंने न्यूज एजेंसी से बातचीत में रयान टेन डोशेट को खुलकर आड़े हाथों लिया।

मनोज तिवारी ने कहा, 'पूरे सम्मान के साथ मैं रयान टेन डोशेट से कहना चाहता हूं कि हम दोनों चार साल तक केकेआर में साथ खेले हैं। वह अच्छे इंसान हैं, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन इस तरह की टिप्पणी करने से पहले उन्हें सोचना चाहिए था। उन्होंने नीदरलैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है, लेकिन अगर आप उनके करियर को देखें, तो वह रोहित शर्मा की उपलब्धियों का 5 फीसदी भी नहीं है- न कि बल्लेबाजी और न ही कप्तानी में।'

तिवारी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि जब रोहित टीम का हिस्सा हैं और मैनेजमेंट में बैठा कोई कोच इस तरह की बात करता है, तो यह खिलाड़ी के लिए हतोत्साहित करने वाला होता है। रोहित ने देश को चैंपियंस ट्रॉफी जिताकर इतनी खुशी दी है। उसके बाद अगर आप ऐसे बयान देते हैं, तो यह बिल्कुल सही नहीं है। वह घर बैठकर टिप्पणी नहीं कर रहे, वह टीम के साथ हैं। इस तरह की बातें खिलाड़ियों का मनोबल गिराती हैं।

मनोज तिवारी ने यह भी जोड़ा कि रयान टेन डोशेट ने हाल ही में नितीश कुमार रेड्डी को लेकर भी सीधे तौर पर टिप्पणी की थी, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए नुकसानदेह हो सकती। उनके मुताबिक, कोच का काम खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाना होता है, न कि सार्वजनिक मंच पर उनकी कमियां गिनाना। यह विवाद ऐसे वक्त पर आया है, जब भारतीय टीम सीरीज़ के अहम दौर में है और रोहित शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

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