T20 WC से छुट्टी तो शुरुआत: बांग्लादेश क्रिकेट को लगेगी 240 करोड़ की चपत! सरकार के चक्कर में BCB का होगा बंटाधार

भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बड़ा नुकसान होगा।
Bangladesh T20 World cup 2026: भारत और श्रीलंका में होने वाले मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच चल रहा टकराव अब चेतावनी के स्तर से आगे निकल चुका। 24 जनवरी को ICC ने बड़ा फैसला लेते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इसके साथ ही 7 फरवरी से शुरू होने वाले वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की भागीदारी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
यह फैसला सिर्फ एक टूर्नामेंट से बाहर होने तक सीमित नहीं है। इसका असर बांग्लादेश के पूरे वर्ल्ड कप चक्र पर पड़ सकता। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को करीब 240 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो सकता।
यह नुकसान बांग्लादेश क्रिकेट के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा क्योंकि ये पैसा बोर्ड की साल भर की कमाई का करीब 60 फीसदी है। इसमें आईसीसी से मिलने वाला फंड, टीवी पर मैच दिखाने के एवज में होने वाली कमाई और विज्ञापनों से मिलने वाला पैसा भी शामिल है। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी20 विश्व कप में खेलने का मौका मिलेगा और आईसीसी से जो पैसा बांग्लादेश को मिलना था वो सारी रकम स्कॉटलैंड के पास चली जाएगी।
बांग्लादेश को बड़ा नुकसान होगा
बांग्लादेश ने 2026 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफिकेशन मैदान पर प्रदर्शन के दम पर हासिल किया था। यह सबसे साफ और मजबूत रास्ता माना जाता है क्योंकि इसमें रैंकिंग या क्वालिफायर जैसे झंझट नहीं होते लेकिन अब यह रास्ता पूरी तरह खत्म हो गया। इस टूर्नामेंट में नहीं खेलने का मतलब है कि बांग्लादेश के पास अगले वर्ल्ड कप चक्र के लिए कोई फिनिशिंग पोजिशन नहीं होगी।
पिछले कुछ सालों में आईसीसी ने टीमों को वर्ल्ड कप में जगह देने के लिए कई पैमानों का इस्तेमाल किया है, जैसे पिछली प्रतियोगिता में प्रदर्शन, मेजबान देश, आईसीसी रैंकिंग और रीजनल क्वालिफायर। एक टूर्नामेंट में नहीं खेलने का मतलब है कि बांग्लादेश अपने आप उस आसान रास्ते से बाहर हो गया, जिसमें सिर्फ अच्छा प्रदर्शन कर अगली बार सीधे एंट्री मिल जाती। यह तय नहीं है कि अगली बार बांग्लादेश को क्वालिफायर खेलना ही पड़ेगा क्योंकि आईसीसी अभी अगला ढांचा घोषित करेगा। लेकिन इतना साफ है कि अब उनके लिए सीधा रास्ता नहीं बचा।
बांग्लादेश आईसीसी से सस्पेंड हो सकता
अब चर्चा क्रिकेट से ज्यादा गवर्नेंस और नियमों के पालन की हो रही। ICC के संविधान के तहत, अगर कोई सदस्य बोर्ड अपनी जिम्मेदारियों का गंभीर उल्लंघन करता है, तो उसे सस्पेंड किया जा सकता। सस्पेंशन सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं होता। इसका मतलब है- सदस्य देश का आईसीसी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का अधिकार खत्म हो जाता और ICC की कमाई से मिलने वाला रेवेन्यू शेयर बंद हो जाता । यही वजह है कि आईसीसी रेवेन्यू से बाहर करने की बात को गंभीरता से लिया जा रहा। हालांकि, यह कोई ऑटोमैटिक सजा नहीं है। यह तब लागू होती है जब मामला सदस्यता पर सवाल तक पहुंच जाए।
ICC के नियम साफ कहते हैं कि हर बोर्ड को अपने कामकाज में स्वायत्तता रखनी होती है और किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप से बचना होता है। जब कोई क्रिकेट विवाद गैर-क्रिकेट निर्देशों से जुड़ा दिखने लगे, तो वह सिर्फ असहमति नहीं रह जाता, बल्कि कम्प्लायंस का मुद्दा बन जाता है।
बांग्लादेश के लिए आगे क्या?
बांग्लादेश ने मैदान पर सबसे भारी कीमत चुका दी है, वह है वर्ल़्ड कप से बाहर होना। अब अगला कदम ICC के हाथ में है। सवाल सिर्फ यही है कि आईसीसी इसे एक सीमित भागीदारी विवाद मानता है या फिर ऐसा मामला, जो भविष्य की सदस्यता, टूर्नामेंट एंट्री और रेवेन्यू स्ट्रीम तक को प्रभावित कर सकता।
