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बेटी अनीता बोस बोलीं, नेताजी की अस्थियां वापस लाने में किसी सरकार को फायदा नहीं दिखता

भारत की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले आजाद हिंद फोज के दिवंगत नेता सुभाष चंद्र बोस बेटी अनीता बोस ने अपने जज्बात जाहिर किए।

बेटी अनीता बोस बोलीं, नेताजी की अस्थियां वापस लाने में किसी सरकार को फायदा नहीं दिखता

भारत की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले भारत हिंद फोज के दिवंगत नेता सुभाष चंद्र बोस बेटी अनीता बोस का कहना है कि अभी तक किसी भी सरकार ने विदेशों में रखी गई नेताजी की अस्थियों को लाने का प्रयास नहीं किया।

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So far no Govt has seen any gain in getting Netaji's remains back:Anita Bose Pfaff, Subhash Chandra Bose's daughter

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2:32 PM - Oct 24, 2017

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एएनआई को लंदन में दिए साक्षात्कार में 74 वर्षीय अनीता बोस ने कहा कि इसके पीछे वजह है कि इससे किसी सरकार को फायदा नहीं दिखता है। उन्होंने कहा कि खुद हमारे परिवार में इस बात को लेकर मतभेद है कि क्या किसी सरकार को इसका श्रेय मिलना चाहिए। अगर ऐसा होगा तो बड़ा विवाद भी खड़ा हो जाएगा।

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· Oct 24, 2017

So far no Govt has seen any gain in getting Netaji's remains back:Anita Bose Pfaff, Subhash Chandra Bose's daughter

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As within our family it was a point of dispute that can a Govt get credit or will a big controversy ensue: Anita, Netaji's daughter #London pic.twitter.com/8I6lB9sTS6

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2:34 PM - Oct 24, 2017

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अर्थशास्त्र की प्रोफेसर अनीता बोस वर्षों से अपने पिता सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां भारत लाने इच्छा पाले हैं। बता दें कि नेताजी की अस्थियां जापान की राजधानी टोक्यो के रेनकोजी मंदिर में सहेज कर रखी गई हैं।

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भारत अब एक आजाद देश है और आजाद भारत ही नेताजी का सपना था। जापान सरकार पिछले साल ही कुछ दस्तावेज सार्वजनिक किए थे। उनके मुताबिक नेताजी का निधन 18 अगस्त 1945 को विमान हादसे में हुआ था।

यह भी पढ़ें: ताजमहल के आस-पास की पार्किंग पर चलेगा बुलडोजर, सुप्रीम कोर्ट सख्त

नेताजी विमान हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। तभी से नेताजी की अस्थियां रेनकोजी मंदिर में रखी गई हैं।

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