Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

रेपो रेट बढ़ने से ऐसे होती है आपकी जेब खाली

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट बढ़ा दिया है। इसके बढ़ने से आरबीआई को फायदा होगा लेकिन आम लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।

रेपो रेट बढ़ने से ऐसे होती है आपकी जेब खाली
X

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट बढ़ा दिया है। इसके बढ़ने से आरबीआई को फायदा होगा लेकिन आम लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को आरबीआई ने नए रेपो रेट जारी किए हैं।

आरबीआई के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दर (रेपो रेट) में 25 आधार अंकों की वृद्धि की, जिसके बाद रेपो दर 6.5 फीसदी हो गई है। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में जीडीपी वृद्धि दर 7.5-7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान, पूरे वित्त वर्ष की वृद्धि का अनुमान 7.4 प्रतिशत पर बरकरार है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में खुदरा मुद्रास्फीति के 4.8 प्रतिशत पर रहने की संभावना जताई है।

इसे भी पढ़ें- आरबीआई ने रेपो रेट में की 0.25 फीसदी की बढ़ोत्तरी, ये चीजों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा फर्क

रेपो रेट

रेपो रेट को हिंदी में प्रमुख ब्याज दर कहते हैं। रोज के कामकाज के लिए बैंकों को भी बड़ी-बड़ी रकमों की आवश्यकता पड़ती है, और ऐसी स्थिति में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ऋण लेना सबसे आसान विकल्प होता है. इस समय बैंक आरबीआई से ऋण लेते हैं। इस तरह के ओवरनाइट ऋण पर रिजर्व बैंक जिस दर से उनसे ब्याज वसूल करता है, उसे रेपो रेट कहते हैं।आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने से होम लोन महंगा हो सकता है।

इन चीजों पर पड़ता है असर

रेपो रेट बढ़ने से बाजार की सारी चीजों पर महंगाई देखने को मिलती है। क्योंकि इसका सीधा लिंक बैंक ऋण से है। रिजर्व बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी करेगा, तो बैंकों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाएगा, और वे भी अपने ग्राहकों से वसूल की जाने वाली ब्याज दरों को बढ़ा देंगे। साथ ही आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने से होम लोन महंगा हो सकता है। यदि ईएमआई पर चीजों को खरीदते हैं तो वो चीजें महंगी पड़ेंगी। जब भी रेपो रेट बढ़ता है, तो इससे बैंकों के लिए आरबीआई से फंड लेना महंगा हो जाता है।

रिवर्स रेपो रेट

इसके नाम से ही साफ हो जाता है कि यह रेपो रेट से उलट होता है। जब कभी बैंकों के पास दिन-भर के कामकाज के बाद बड़ी रकमें बच जाती हैं, तो बैंक उस रकम को रिजर्व बैंक में जमा कर देता है। इस जमा रकम पर आरबीआई उन्हें ब्याज देता है। अब रिजर्व बैंक इस ओवरनाइट रकम पर जिस दर से ब्याज अदा करता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story