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मोदी ने कंपनियो से कहा कोल्ड ड्रिंक्स में मिलाए फलों का रस, किसानों के लिए खुलेंगे दरवाजे

एकीकृत फूड पार्क का उद्घाटन करते हुए कहा,हम पेप्सी, कोका कोला पीते

मोदी ने कंपनियो से कहा कोल्ड ड्रिंक्स में मिलाए फलों का रस, किसानों के लिए खुलेंगे दरवाजे
तुमकुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेप्सी जैसी साफ्ट ड्रिंक कंपनियों से कहा है कि वे अपने शीतल पेय (ठंडे) उत्पादों में पांच प्रतिशत फल का रस मिलाने का प्रयास करें ताकि भारत में कठिनाई में पड़े किसानों को अपने उत्पादों के लिए एक नया बाजार मिल सके।
मोदी ने यहां देश के पहले एकीकृत फूड पार्क का उद्घाटन करते हुए कहा,हम पेप्सी, कोका कोला पीते हैं और मुझे नहीं पता कि ऐसे कितने और पेय बाजार में उपलब्ध हैं। यह अरबों रुपए का कारोबार है। मैंने कंपनियों से कहा है कि क्या वे अपने पेयों में पांच प्रतिशत प्राकृतिक फलों का रस मिला सकती हैं।
उन्होंने कहा, मैं ज्यादा के लिए नहीं कह रहा। अगर किसानों द्वारा उत्पादित फलों का पांच प्रतिशत ज्यूस मिलाया जाता है तो किसान बिक्री के लिए बाजार तलाशने को मजबूर नहीं होंगे। इस तरह के एक ही फैसले से अरबों का कारोबार सुनिश्चित हो सकता है। मोदी ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार के अनुसंधान संगठनों से पहले ही कहा है कि वे कोला पेयों में फलों के रस के मिर्शण की संभावना पर काम करें। कोला पेयों को आमतौर पर स्वास्थ्यकारी नहीं माना जाता।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा करने से किसान बाजार में अपने उत्पाद के गैर लाभकारी मूल्यों के चलते उसे फेंकने को मजबूर नहीं होंगे और देश प्रसंस्करण के जरिए खाद्य उत्पादों को खराब होने से बचाकर 30-40 हजार करोड़ की बचत कर सकेगा। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों पर भारतीय अनुसंधान परिषद (इक्रीयेर) की पिछले साल दिसंबर में जारी एक रपट के अनुसार देश में एल्कोहल मुक्त पेयों की खपत अगले तीन साल तक 16.5-19 प्रतिशत वार्षिक रहेगी।
रपट के अनुसार संगठित क्षेत्र की नान एल्कोहालिक इकाइयों की सालाना वृद्धि दर 16.5 प्रतिशत जबकि गैर संगठित विनिर्माताओं की सालाना वृद्धि दर 19 प्रतिशत रहने का अनुमान है। देश का पेय बाजार आमतौर पर असंगठित है। इसकी 75 प्रतिशत मांग की पूर्ति असंगठित क्षेत्र की कंपनियां करती हैं।
नीचे की स्लाइड्स में जानिए, नितिन गडकरी ने क्या कहा-
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