IMD Weather Alert: दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट और यूपी-बिहार में 'कोल्ड डे' का तांडव

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम और मेघालय में भी सुबह के समय घना कोहरा देखा जा रहा है।
नई दिल्ली : देशभर में जनवरी की शुरुआत के साथ ही कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के विशाल मैदानों से लेकर दक्षिण के तटों तक, मौसम का ट्रिपल अटैक शीतलहर, घना कोहरा और भारी बर्फबारी देखने को मिल रहा है।
जहा दिल्ली, यूपी और बिहार में बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को ठप कर दिया है, वहीं पहाड़ों पर हो रही निरंतर बर्फबारी ने मैदानी इलाकों की हड्डियों में गलन बढ़ा दी है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले 48 घंटे और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, जिसके चलते कई राज्यों में प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट और गिरता पारा
देश की राजधानी दिल्ली नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आज कड़ाके की ठंड का 'येलो अलर्ट' जारी है। बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुचने की संभावना है, जिससे ठिठुरन असहनीय हो गई है।
प्रदूषण और घने कोहरे ने सुबह के समय दृश्यता को 50 मीटर से भी कम कर दिया है, जिसकी वजह से दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें और उड़ानें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दो दिनों तक धूप के दर्शन दुर्लभ हो सकते हैं, जिससे दिन के तापमान में भी भारी गिरावट आएगी।
उत्तर प्रदेश में पहाड़ों जैसी ठंड और 'कोल्ड डे' का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज 'कोल्ड डे' की स्थिति बनी हुई है, जहा अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री नीचे गिर गया है।
लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में कनकनी इतनी तेज है कि लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं।
प्रशासन ने कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं।
बर्फीली पछुआ हवाओं ने पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी यूपी तक एक जैसी गलन पैदा कर दी है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं।
बिहार और झारखंड में कोहरे और गलन का डबल अटैक
बिहार और झारखंड में भी मौसम का मिजाज बेहद सख्त बना हुआ है। पटना मौसम केंद्र के अनुसार, बिहार के गया और पूर्णिया जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
यहा सुबह के समय "जीरो विजिबिलिटी" के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। झारखंड में भी कांके और नेतरहाट जैसे इलाकों में तापमान न्यूनतम स्तर पर पहुच गया है।
गलन और नमी के कारण लोगों को घर के अंदर भी भारी ऊनी कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पूरे राज्य में घने कोहरे का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे फिलहाल राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी का असर
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में पिछले 24 घंटों से हो रही भारी बर्फबारी ने पूरे उत्तर भारत को 'फ्रीजर' में बदल दिया है। मनाली, शिमला और केदारनाथ जैसे क्षेत्रों में बर्फ की मोटी चादर जम गई है, जिसके चलते कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।
पहाड़ों से टकराकर आने वाली ये बर्फीली हवाएं राजस्थान और पंजाब के मैदानी इलाकों में पहुचकर पारा गिरा रही हैं।
राजस्थान के चुरू और सीकर जैसे जिलों में तापमान शून्य के करीब या उससे नीचे पहुँचने की संभावना है, जिससे खेतों में पाला पड़ने का डर सता रहा है, जो रबी की फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश और पूर्वोत्तर में मौसम का बदलाव
एक ओर जहा उत्तर और मध्य भारत ठंड से कांप रहा है, वहीं दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की सक्रियता के कारण मौसम का अलग ही नजारा है।
तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में आज मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे वहां के तापमान में नमी और हल्की ठंडक बढ़ी है।
इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम और मेघालय में भी सुबह के समय घना कोहरा देखा जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यह विचित्र विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
