मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: रनवे पर भिड़े एयर इंडिया और इंडिगो के विमान, टकरा गए दोनों के पंख

हादसे के समय एयर इंडिया की फ्लाइट AI2732 उड़ान भरने के लिए बे C1 से M4 की ओर टैक्सी कर रही थी।
मुंबई: देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा होते-होते रह गया।

टैक्सीिंग के दौरान एयर इंडिया और इंडिगो के दो यात्री विमान आपस में टकरा गए। इस घटना में दोनों विमानों के दाहिने पंख एक-दूसरे से रगड़ खा गए, जिससे हड़कंप मच गया।

हालांकि, सुखद बात यह रही कि दोनों विमानों की गति कम थी और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
रनवे की ओर बढ़ते समय हुआ हादसा: कैसे टकराए विमान?
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI2732 उड़ान भरने के लिए बे C1 से M4 की ओर टैक्सी कर रही थी। उसी समय, इंडिगो की एक अराइवल फ्लाइट लैंडिंग के बाद बे B1 की ओर बढ़ रही थी।

इसी मोड़ पर दोनों विमानों के पायलटों के बीच तालमेल की कमी या किसी तकनीकी चूक के चलते दोनों विमानों के दाहिने पंख आपस में टकरा गए।
टक्कर की आवाज सुनते ही ग्राउंड कंट्रोल ने तुरंत दोनों विमानों को रुकने के निर्देश दिए।
जांच के लिए वापस भेजे गए विमान, यात्रियों को हुई असुविधा
टक्कर के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दोनों विमानों को जांच के लिए वापस 'बे एरिया' में भेज दिया गया है।
एयर इंडिया के विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया और इंडिगो के यात्रियों को भी सुरक्षित उतारकर दूसरे विमान की व्यवस्था की गई।
इंजीनियरिंग टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि पंखों में कितनी गहराई तक नुकसान हुआ है और क्या इससे विमान की संरचनात्मक सुरक्षा पर कोई असर पड़ा है।
DGCA ने संभाली कमान, मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
हादसे की सूचना मिलते ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। DGCA ने इस मामले में 'सीरियस इंसिडेंट' की श्रेणी में जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने एटीसी के रिकॉर्ड्स और दोनों विमानों के ब्लैक बॉक्स से डेटा जुटाना शुरू कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गलती किसकी थी और ग्राउंड कंट्रोल के निर्देशों का पालन सही ढंग से हुआ था या नहीं।
एयरपोर्ट पर ग्राउंड मैनेजमेंट पर उठे सवाल
मुंबई एयरपोर्ट पर दो विमानों का इस तरह आपस में टकराना ग्राउंड मैनेजमेंट और ट्रैफिक कंट्रोल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्सीिंग के दौरान विंग-टिप क्लीयरेंस बनाए रखना पायलट और ग्राउंड स्टाफ की सामूहिक जिम्मेदारी होती है।
इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित रही, जिसे बाद में सामान्य कर लिया गया।
