भारतीय जनता पार्टी आज अपने स्थापना दिवस के मौके पर अपने राजनीतिक सफर के अहम पड़ावों को याद कर रही है। 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित जनसंघ से लेकर 1980 में BJP के गठन और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में पहुंचने तक, यह सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।
1984 में सिर्फ 2 सीटों तक सिमटने वाली पार्टी आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुकी है। समर्थक इसे विचारधारा और संगठन की जीत बताते हैं, जबकि आलोचक इसे चुनावी रणनीति की सफलता मानते हैं।
इस बदलते राजनीतिक परिदृश्य में यह सवाल और अहम हो जाता है कि क्या केवल पार्टी बदली है या देश की राजनीति का चरित्र भी बदल गया है।
सबसे बड़ा सवाल यही है-
जनसंघ से मोदी तक BJP का सफर क्या केवल विस्तार की कहानी है या राजनीतिक सोच में भी बड़ा बदलाव आया है?
इसी मुद्दे पर हरिभूमि और INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ विशेष चर्चा में विभिन्न दलों के प्रवक्ताओं, विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकारों ने अपनी राय रखी।
Debate Panel
- प्रताप भानु शर्मा – पूर्व सांसद, कांग्रेस
- रमेश शर्मा – वरिष्ठ पत्रकार
- प्रेम प्रकाश पांडेय – पूर्व मंत्री, भाजपा
- वीरेंद्र पांडेय – राजनीतिक विश्लेषक










