Budget 2026: वित्त मंत्री की 6 सबसे बड़ी घोषणाएं- टैक्सपेयर्स को राहत, युवाओं को नौकरी और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ₹12 लाख करोड़ का दांव

चीन पर निर्भरता कम करने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन और मध्यम वर्ग के लिए टैक्स छूट इस बजट के केंद्र बिंदु रहे हैं।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना ऐतिहासिक 9वां बजट पेश किया। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को सामने रखते हुए इस बजट में मध्यम वर्ग, युवाओं और विनिर्माण क्षेत्र के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
चीन पर निर्भरता कम करने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन और मध्यम वर्ग के लिए टैक्स छूट इस बजट के केंद्र बिंदु रहे हैं।
1. इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव: स्टैंडर्ड डिडक्शन अब ₹1 लाख
नौकरीपेशा वर्ग के लिए बजट की सबसे बड़ी खबर 'नई टैक्स व्यवस्था' से आई है। वित्त मंत्री ने स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को ₹75,000 से बढ़ाकर सीधा ₹1,00,000 करने का एलान किया है।
इसके अलावा, टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए अब दो खुद के रहने वाले घरों पर टैक्स लाभ देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे मध्यम वर्ग की बचत बढ़ेगी।
2. सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: ₹40,000 करोड़ का भारी निवेश
भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने और चीन को चुनौती देने के लिए सरकार ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0' लॉन्च किया है। इसके लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन किया गया है।
इसका उद्देश्य देश के भीतर ही हाई-टेक चिप्स का निर्माण करना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भारत की हिस्सेदारी को वैश्विक स्तर पर बढ़ाना है।
3. 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' और चीन पर लगाम
तकनीकी क्षेत्र में चीन के एकाधिकार को तोड़ने के लिए वित्त मंत्री ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' विकसित करने की घोषणा की है।
इन कॉरिडोर के माध्यम से मोबाइल, बैटरी और डिफेंस उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण खनिजों के खनन और रिफाइनिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।
4. युवा शक्ति और रोजगार: 22 लाख नई नौकरियों का ब्लूप्रिंट
देश के युवाओं के लिए बजट में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने लेदर और फुटवियर सेक्टर के लिए एक नई योजना का एलान किया है, जिसके माध्यम से आने वाले समय में 22 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।
इसके साथ ही, युवाओं की स्किलिंग और उच्च शिक्षा के लिए आसान ऋण की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का प्रस्ताव दिया गया है।
5. इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ₹12.11 लाख करोड़ का 'महा-खर्च'
देश की रफ्तार बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.11 लाख करोड़ कर दिया गया है। यह निवेश नई सड़कों, अमृत भारत ट्रेनों के विस्तार और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर खर्च होगा।
सरकार का मानना है कि इस भारी निवेश से सीमेंट, स्टील और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में तेजी आएगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
6. बायो-फार्मा शक्ति: दवाओं के निर्माण में आत्मनिर्भर भारत
हेल्थकेयर सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ के साथ 'बायो-फार्मा शक्ति' योजना शुरू की गई है। इसके तहत देश भर में 1,000 क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क बनाया जाएगा।
इसका मुख्य लक्ष्य दवाओं के कच्चे माल (API) के लिए दूसरे देशों, विशेषकर चीन पर निर्भरता को खत्म करना और सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है।
