Kumar Vishwas on UGC New Rules: यूजीसी के नए नियमों के विरोध में उतरे कुमार विश्वास, बोले- मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं

कुमार विश्वास
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच अब मशहूर कवि और वक्ता कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। कुमार विश्वास ने यूजीसी की नई गाइडलाइंस का खुलकर विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर #UGC_RollBack हैशटैग के साथ तीखा बयान दिया है।
उन्होंने लिखा- “मैं अभागा सवर्ण हूं। चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मेरा रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।” कुमार विश्वास ने इस पोस्ट के जरिए यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की है।
“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) January 27, 2026
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।”😢🙏
(स्व० रमेश रंजन) #UGC_RollBack pic.twitter.com/VmsZ2xPiOL
UGC के नए नियमों से क्यों मचा विवाद?
दरअसल, 13 जनवरी 2026 को यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकने के लिए नए नियम अधिसूचित किए गए। इन नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में 9 सदस्यीय समानता समिति (Equity Committee) का गठन अनिवार्य किया गया है।
इस समिति में संस्थान प्रमुख, प्रोफेसर, कर्मचारी, सामान्य नागरिक, छात्र और एक को-ऑर्डिनेटर शामिल होंगे। नियमों के अनुसार समिति की कम से कम पांच सीटें SC, ST, OBC, दिव्यांगजन और महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यहीं से इस पूरे विवाद की शुरुआत मानी जा रही है।
सरकार ने दी सफाई, कहा– सभी के लिए निष्पक्ष होंगे नियम
देशभर में विरोध तेज होने के बाद अब केंद्र सरकार सफाई देने में जुट गई है। सरकार का कहना है कि UGC के नियम पूरी तरह निष्पक्ष हैं और इनका उद्देश्य किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव करना नहीं है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यदि अधिसूचित नियमों को लेकर कोई भ्रम है, तो उसे जल्द ही स्पष्टीकरण जारी कर दूर किया जाएगा।
बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा भी बना चर्चा का विषय
UGC नियम 2026 को लेकर विवाद उस वक्त और गहराया जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया। हालांकि बाद में सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए ब्राह्मण समुदाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपने पद छोड़ने और समुदाय के समर्थन में खड़े होने की अपील की थी।
