किश्तवाड़ में 'ऑपरेशन त्राशी-1: जम्मू-कश्मीर में आतंकी मुठभेड़, 8 जवान घायल! राजौरी में सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर में आतंकी मुठभेड़, 8 जवान घायल! राजौरी में सर्च ऑपरेशन जारी
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आतंकवादी कथित तौर पर पाकिस्तानी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हो सकते हैं।

किश्तवाड़ के सोनार में 'ऑपरेशन त्राशी-1' के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने सेना पर ग्रेनेड हमला किया, जिसमें 8 जवान घायल हो गए।

किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें सेना के 8 जवान घायल हो गए हैं।

यह मुठभेड़ 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत हुई, जब जवानों ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को घेर लिया था। इसी बीच राजौरी जिले में भी LoC के पास संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं।

'ऑपरेशन त्राशी-1' और आतंकियों का कायराना हमला

किश्तवाड़ के ऊपरी जंगली इलाके सोनार में रविवार दोपहर करीब 12 बजे सेना की 'व्हाइट नाइट कोर' ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना पर 'ऑपरेशन त्राशी-1' शुरू किया। तलाशी अभियान के दौरान जब जवानों ने 2-3 आतंकियों को लगभग घेर लिया, तो खुद को फंसता देख आतंकियों ने जवानों पर ग्रेनेड फेंक दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

इस हमले में सेना के 8 जवान घायल हो गए, जिनमें से 3 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उधमपुर आर्मी बेस अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया है।

जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, घेरे गए आतंकवादी कथित तौर पर पाकिस्तानी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हो सकते हैं। आतंकियों के भागने के सभी रास्तों को सील कर दिया गया है और पूरे इलाके में सुरक्षा का सख्त पहरा है।

वर्तमान में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवान संयुक्त रूप से इस अभियान में जुटे हैं। घने जंगलों के बीच छिपे आतंकियों को खोजने के लिए सेना ड्रोन तकनीक और स्निफर डॉग्स की भी मदद ले रही है।

राजौरी में संदिग्ध हलचल और वीजीसी की फायरिंग

किश्तवाड़ में जारी मुठभेड़ के बीच राजौरी जिले के नौशेरा क्षेत्र में भी तनाव फैल गया। लाइन ऑफ कंट्रोल के पास स्थित कलाल गांव में एक विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्य ने अपने घर के पास कुछ संदिग्ध हलचल देखी।

सुरक्षा के मद्देनजर वीजीसी सदस्य ने तुरंत हवा में कुछ गोलियां चलाईं, जिससे संदिग्ध वहां से भाग निकले। इस घटना के तुरंत बाद सेना और पुलिस ने पूरे नौशेरा इलाके में घेराबंदी कर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है ताकि किसी भी घुसपैठ की संभावना को खत्म किया जा सके।

20 दिनों में तीसरी मुठभेड़: घाटी में आतंक के खिलाफ निर्णायक जंग

साल 2026 की शुरुआत जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही है, क्योंकि महज 20 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर इलाके में आतंकियों के साथ सेना का आमना-सामना हुआ था।

वहीं पिछले साल 15 दिसंबर को उधमपुर में हुई एक मुठभेड़ में एक पुलिस ऑफिसर शहीद हो गए थे। ताजा घटनाओं को देखते हुए पूरी घाटी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा बल सीमा पार से होने वाली किसी भी आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए मुस्तैद हैं।


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