लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का बड़ा खुलासा: 'PM के साथ कुछ भी हो सकता था, मैंने उन्हें सदन में न आने का किया था आग्रह'

ओम बिरला ने विपक्ष के आचरण को संसदीय लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया।
नई दिल्ली: लोकसभा में 'धन्यवाद प्रस्ताव' पर चर्चा के दौरान भारी हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताई।
स्पीकर ने सदन को बताया कि जब विपक्षी सांसद वेल में आकर शोर-शराबा कर रहे थे, तब स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की चिंता होने लगी थी।
उन्होंने यहा तक कहा कि उन्होंने खुद पीएम से आग्रह किया था कि वे ऐसी स्थिति में सदन के अंदर न आएं।
Very big news : Loksabha speaker Om Birla confirmed that Congress was planning a physical attack against PM Modi on Rahul Gandhi’s orders..
— Mr Sinha (@Mrsinha) February 5, 2026
This is serious... Very serious.... Modi gvt shouldn't tolerate this....
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विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर का सख्त रुख
चर्चा के दौरान जब विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी कर रहे थे और कागज उछाल रहे थे, तब ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा कि सदन की मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह आचरण संसदीय लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है। स्पीकर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री सदन में मौजूद हों, तो सदस्यों को अधिक जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए, लेकिन यहाँ स्थिति इसके उलट थी।
'पीएम की सुरक्षा को लेकर थी चिंता'
ओम बिरला ने सदन में खुलासा करते हुए कहा, "जिस तरह का माहौल वेल में विपक्षी सदस्यों ने बनाया था, उसे देखकर मुझे डर था कि प्रधानमंत्री के साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती थी।
सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए मैंने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि वे सदन में न आएं।" स्पीकर के इस बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
मर्यादा और संसदीय परंपराओं का हवाला
स्पीकर ने विपक्षी सांसदों को याद दिलाया कि सदन बहस के लिए है, न कि शारीरिक रूप से करीब आकर धमकी भरा माहौल बनाने के लिए।
उन्होंने कहा कि आसन की यह जिम्मेदारी है कि वह हर सदस्य, विशेषकर प्रधानमंत्री की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करे। उन्होंने विपक्ष से सवाल पूछा कि क्या वे इसी तरह की लोकतांत्रिक परंपराओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं?
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस
स्पीकर के इस बयान के बाद सदन में जबरदस्त शोर-शराबा शुरू हो गया। भाजपा सांसदों ने 'शर्म करो' के नारे लगाए, वहीं विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा जारी रखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे हंगामे के बीच धैर्य बनाए रखा, लेकिन स्पीकर की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया कि संसद के भीतर सुरक्षा और शिष्टाचार का स्तर किस कदर गिर चुका है।
