राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी:: कांग्रेस ने अमित शाह को लिखा पत्र, पिंटू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

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कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर बीजेपी प्रवक्ता पिंटू महादेव के खिलाफ राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की मांग की है। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताया।

Rahul Gandhi threat: कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सोमवार, 29 सितंबर को औपचारिक पत्र लिखकर बीजेपी प्रवक्ता पिंटू महादेव के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि महादेव ने रविवार, 28 सितंबर को एक टेलीविज़न बहस के दौरान राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी दी।

पत्र में कांग्रेस ने क्या लिखा?

पत्र, जो वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल द्वारा हस्ताक्षरित है, में महादेव की टिप्पणियों को "बेहद बेरहम, सोची-समझी और भयावह" बताया गया है। कांग्रेस ने कहा कि यह धमकी राजनीतिक बयानबाज़ी से परे है और विपक्षी नेता को तत्काल खतरे में डालती है।

पत्र में आगे कहा गया है कि महादेव का बयान “न तो ज़बान फिसलने का नतीजा था और न ही लापरवाही से कही गई अतिशयोक्ति”, बल्कि यह हिंसा भड़काने वाला कृत्य था, जिसने संविधान द्वारा दिए गए सुरक्षा आश्वासनों को कमजोर किया।

राहुल गांधी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

कांग्रेस ने पत्र में बताया कि गांधी की सुरक्षा संभालने वाली केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने पहले भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्रों के माध्यम से उनकी जान पर कई खतरों की सूचना दी थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि इनमें से एक संदेश “रहस्यमय परिस्थितियों में” मीडिया में लीक हो गया।

इस पृष्ठभूमि में कांग्रेस का कहना है कि महादेव की टीवी पर की गई टिप्पणी को अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता। यह टिप्पणी गांधी के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने और वैध ठहराने की व्यापक साजिश पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

महादेव ने राहुल गांधी के खिलाफ क्या कहा?

कांग्रेस के अनुसार, यह विवादित टिप्पणी न्यूज़18 केरल पर एक बहस के दौरान की गई थी। पत्र में महादेव के हवाले से कहा गया है, "राहुल गांधी के सीने में गोली मार दी जाएगी।"

पार्टी ने इसे हिंसा भड़काने का बेशर्म कृत्य करार दिया और कहा कि भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर इस तरह की धमकियाँ और हिंसा के आह्वान पहले भी प्रसारित होते रहे हैं। इससे घृणा का माहौल बनता है और राहुल गांधी की सुरक्षा प्रभावित होती है।

कांग्रेस की मांगें

कांग्रेस ने गृह मंत्री से मांग की है कि वे राजनीतिक विमर्श में आपराधिक धमकी, जान से मारने की धमकी और हिंसा के इस्तेमाल पर सत्तारूढ़ दल की स्थिति स्पष्ट करें।

पत्र में शाह से राज्य पुलिस के माध्यम से तत्काल और अनुकरणीय कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर इसे मिलीभगत माना जाएगा।

पत्र में कहा गया है

"राष्ट्र तुरंत, अनुकरणीय कानूनी कार्रवाई की मांग करता है ताकि न्याय शीघ्र, स्पष्ट और कठोर हो। निष्क्रियता को विपक्षी नेता के खिलाफ हिंसा को वैध और सामान्य बनाने के रूप में देखा जाएगा।"

धमकी का राजनीतिक और ऐतिहासिक संदर्भ

पत्र में राहुल गांधी के परिवार के इतिहास का हवाला दिया गया, जिसमें 1984 में इंदिरा गांधी और 1991 में राजीव गांधी की हत्याओं का जिक्र है। कांग्रेस का कहना है कि यह धमकी केवल व्यक्तिगत हमला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक भावना पर हमला है, जिसका प्रतिनिधित्व राहुल गांधी करते हैं।

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