Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर पीएम मोदी ने की गौ-सेवा, गायों को चारा खिलाते आए नजर, देखें तस्वीरें

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर गायों को चारा खिलाकर पर्व को श्रद्धा और सादगी के साथ मनाया।
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 15 जनवरी को अपने सरकारी आवास पर गायों को चारा खिलाकर पर्व को श्रद्धा और सादगी के साथ मनाया। सामने आई तस्वीरों में प्रधानमंत्री आवास के लॉन में गौ-सेवा करते नजर आ रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति में गौ-माता के महत्व को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री की यह पहल भारतीय परंपराओं और सनातन मूल्यों के प्रति उनकी आस्था को दर्शाती है। मकर संक्रांति जैसे पर्व पर गौ-सेवा को शुभ और पुण्यकारी माना जाता है।
Delhi: Prime Minister Narendra Modi feeds cows on the occasion of Makar Sankranti pic.twitter.com/2GS6l0MczL
— IANS (@ians_india) January 15, 2026
गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने चढ़ाई खिचड़ी
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त में गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में महायोगी गुरु गोरखनाथ को पवित्र खिचड़ी अर्पित की। यह परंपरा नाथ संप्रदाय की प्राचीन धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी हुई है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश की खुशहाली, जनता के कल्याण और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
मकर संक्रांति का आध्यात्मिक महत्व
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर कहा कि यह पर्व भारत की प्राचीन परंपराओं में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने सूर्य देव को ब्रह्मांड की आत्मा बताते हुए कहा कि यह त्योहार शुभ और मंगल कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने भगवान सूर्य की आराधना के पावन पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने श्री गोरखनाथ मंदिर में शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी को खिचड़ी अर्पित कर पूजा-अर्चना की।… pic.twitter.com/lHj14UO7Mf
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) January 15, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि मकर संक्रांति के साथ ही सनातन धर्म में शुभ कार्यों का समय पुनः आरंभ हो जाता है।
तीर्थ स्थलों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, बुधवार से ही प्रदेश भर के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। गोरखपुर में लाखों भक्तों ने गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की। प्रयागराज में संगम पर आस्था की डुबकी लगाने वालों की संख्या लाखों में रही। श्रद्धालुओं ने सूर्य उपासना और दान-पुण्य के साथ पर्व को श्रद्धापूर्वक मनाया।
देशभर में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है पर्व
मकर संक्रांति को भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। दक्षिण भारत में इसे पोंगल, असम में बिहू, और पंजाब व हरियाणा में माघी कहा जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा, स्नान, दान और हवन का विशेष महत्व होता है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और शीत ऋतु के अंत का संकेत देता है।
पतंग, खिचड़ी और तिल के लड्डू की मिठास
मकर संक्रांति को आपसी भाईचारे और मित्रता को मजबूत करने वाला पर्व भी माना जाता है। इस दिन खिचड़ी बनाना, पतंग उड़ाना, तिल-गुड़ की मिठाइयां और नारियल के लड्डू बांटना परंपरा का हिस्सा है। यह त्योहार संदेश देता है कि अब ठंड का प्रभाव कम होने लगा है और दिन लंबे होने की शुरुआत हो चुकी है।
