सीमा पर नापाक साजिश: जम्मू-कश्मीर के तीन जिलों में घुसे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना की भारी गोलीबारी के बाद सर्च ऑपरेशन तेज

जम्मू-कश्मीर के तीन जिलों में घुसे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना की भारी गोलीबारी के बाद सर्च ऑपरेशन तेज
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इस इनपुट के बाद पूरी एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रविवार शाम पांच पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए।

जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन घुसपैठ की कोशिशें अचानक बढ़ गई हैं। रविवार की शाम सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में एक के बाद एक करीब पांच संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने से हड़कंप मच गया।

सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि इन ड्रोनों के जरिए सीमा पार बैठे आतंकी आका हथियारों की खेप भेजने या भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने की फिराक में थे। इस इनपुट के बाद पूरी एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया गया है।

नौशेरा सेक्टर में सेना की जवाबी कार्रवाई और आसमान में हलचल

राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब गनिया-कलसियां गांव के ऊपर शाम करीब 6:35 बजे एक ड्रोन मंडराता पाया गया। मुस्तैद भारतीय जवानों ने बिना वक्त गंवाए अपनी मीडियम और लाइट मशीन गन से ड्रोन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

भारी गोलीबारी के बाद ड्रोन वापस पाकिस्तान की सीमा की ओर भाग निकला। इसके कुछ ही देर बाद पास के तेरयाथ इलाके और खब्बर गांव में भी आसमान में टिमटिमाती रोशनी वाली संदिग्ध वस्तुएं देखी गईं, जिससे सुरक्षा बल तुरंत सक्रिय हो गए।

सांबा और पुंछ में देर शाम तक रही संदिग्ध मूवमेंट

ड्रोन घुसपैठ का यह सिलसिला केवल राजौरी तक सीमित नहीं रहा। सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर स्थित चक बबरल गांव में शाम 7:15 बजे एक ड्रोन देखा गया, जो काफी नीचे उड़ान भर रहा था।

वहीं पुंछ के मनकोट सेक्टर में भी शाम 6:25 बजे तैन गांव से टोपा की ओर एक संदिग्ध ड्रोन को जाते हुए रिकॉर्ड किया गया।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, ये ड्रोन कुछ देर तक भारतीय हवाई क्षेत्र में रहे और फिर पाकिस्तानी सीमा में ओझल हो गए। अधिकारियों को संदेह है कि अंधेरे का फायदा उठाकर 'ड्रॉप जोन' में हथियार या नशीले पदार्थ गिराए गए हो सकते हैं।

हथियारों की तस्करी की आशंका

यह ताजा घटनाक्रम उस वक्त सामने आया है जब हाल ही में सांबा के पालूरा गांव में सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया था। उस खेप में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड गोलियां और एक जिंदा ग्रेनेड शामिल था, जिसे पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए ही गिराया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान अब सीधी घुसपैठ के बजाय ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर घाटी में आतंकवाद को हवा देने और स्थानीय नेटवर्क तक हथियार पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

जंगलों और सीमावर्ती गांवों में सघन तलाशी अभियान

इन घटनाओं के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। राजौरी, पुंछ और सांबा के जंगलों और संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी कर दी गई है।

मेटल डिटेक्टर्स और खोजी कुत्तों की मदद से चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है ताकि अगर कोई सामग्री गिराई गई हो, तो उसे जब्त किया जा सके।

सीमावर्ती ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।


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