Weather Update: उत्तर भारत से लेकर बंगाल तक ठंड का 'ऑरेंज अलर्ट', पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में घने कोहरे का सितम

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन और गलन बढ़ा दी है।
नई दिल्ली : जनवरी की शुरुआत के साथ ही पूरे उत्तर और पूर्वी भारत में कुदरत का दोहरा प्रहार देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मामूली राहत के संकेत हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन थाम दिया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी करते हुए अगले 48 घंटों तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन और गलन बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश में कोहरे की घनी चादर और तापमान का मिजाज
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी समेत अधिकांश शहरों में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में शीतलहर की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है।
हालांकि वर्तमान में लखनऊ और कानपुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और सुबह-शाम ठिठुरन महसूस की जा रही है। विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में बहुत घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। हालांकि दिन में धूप खिलने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है लेकिन सुबह और रात की गलन अभी बरकरार रहेगी।
पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग से कोलकाता तक येलो अलर्ट
पश्चिम बंगाल में ठंड ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और मौसम विभाग ने यहा येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान दार्जिलिंग राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा जहाँ पारा 1.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है।
वहीं दक्षिण बंगाल के बांकुड़ा में न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री और कोलकाता के अलीपुर में 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। दक्षिण बंगाल में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री कम रहने की उम्मीद है जबकि उत्तर बंगाल में घने कोहरे की वजह से सड़कों पर दृश्यता शून्य के करीब पहुंच सकती है जिससे जनजीवन पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
पंजाब हरियाणा और राजस्थान में शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत के इन राज्यों में ठंड की स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। पंजाब और हरियाणा में 'सीवियर कोल्ड डे' यानी बेहद ठंडे दिन की स्थिति बनी हुई है जिससे दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे है।
राजस्थान के उत्तरी भागों और विशेषकर चूरू एवं बीकानेर में पारा जमाव बिंदु के करीब पहुंच रहा है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए अगले दो से तीन दिनों तक शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिसका स्पष्ट अर्थ है कि यहा फिलहाल ठंड से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
दिल्ली-एनसीआर में कम दृश्यता और कड़ाके की सर्दी
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में आज सुबह मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता कम होने से दफ्तर जाने वालों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। यहा अधिकतम तापमान भी 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है जिससे दिन की धूप के बावजूद वातावरण में हल्की ठंडक और ठिठुरन महसूस होती रहेगी।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और पाले का कहर
हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का रुख मोड़ दिया है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में तापमान -4 डिग्री तक गिर गया है जबकि गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर पारा -8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में पाला यानी ग्राउंड फ्रॉस्ट गिरने की चेतावनी दी गई है जो फसलों के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है।
यातायात जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ा है। उत्तर भारत की ओर आने वाली दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं और कम दृश्यता के कारण कई उड़ानों के समय में भी बदलाव करना पड़ा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और देर रात घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है क्योंकि हृदय और सांस के रोगियों के लिए यह ठिठुरन चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रशासन ने विभिन्न शहरों में रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
