IMD Whether Update: उत्तर भारत में 'जीरो विजिबिलिटी' का संकट, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट

गिरते तापमान और प्रदूषण मिश्रित धुंध के कारण सांस के मरीजों और बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
नई दिल्ली: उत्तर भारत के लिए आज का दिन साल के सबसे ठंडे और चुनौतीपूर्ण दिनों में से एक साबित हो रहा है। बर्फीली हवाओं और घने कोहरे के 'डबल अटैक' ने पूरे उत्तर और मध्य भारत को अपनी चपेट में ले लिया है।
एक तरफ जहा दिल्ली-एनसीआर और यूपी में विजिबिलिटी शून्य होने से जनजीवन थम सा गया है, वहीं पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है।
इसी बीच, मौसम विभाग ने दक्षिण भारत में चक्रवाती दबाव के कारण भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे देश के दो कोनों में मौसम के दो अलग-अलग खतरनाक रूप देखने को मिल रहे हैं।
उत्तर भारत में कोहरे का कहर और जीरो विजिबिलिटी
9 जनवरी की सुबह पंजाब से लेकर बिहार तक पूरा मैदानी इलाका घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के कई इलाकों में विजिबिलिटी 0 से 50 मीटर के बीच दर्ज की गई। इस घने कोहरे का सबसे बुरा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ा है।
दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 5 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं, जबकि कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा है। प्रशासन ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने और बेहद सावधानी से चलने की सलाह दी है।
यूपी और बिहार में शीतलहर से बढ़ी मुश्किलें
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे प्रमुख शहर इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में हैं। पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाओं के कारण यूपी के कई जिलों में 'कोल्ड डे' घोषित कर दिया गया है।
बिहार में भी तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले 24 घंटों में यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जो वातावरण में नमी बढ़ाकर ठंड को और अधिक घातक बना सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गिरावट
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी ने पूरे उत्तर भारत को 'कोल्ड स्टोरेज' बना दिया है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -5 डिग्री सेल्सियस के नीचे चला गया है।
पहाड़ों से टकराकर आ रही इन बर्फीली हवाओं ने राजस्थान के शेखावाटी और मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में भी पारा जमाव बिंदु के करीब पहुंचा दिया है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पहाड़ों पर मौसम साफ नहीं होता, मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट'
उत्तर भारत जहा ठंड से कांप रहा है, वहीं दक्षिण भारत में कुदरत का दूसरा रूप देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ हो रही इस बारिश ने वहां के सामान्य जनजीवन और फसलों को प्रभावित किया है।
आम जनजीवन पर असर और स्वास्थ्य विभाग की सलाह
लगातार गिरते तापमान और प्रदूषण मिश्रित धुंध के कारण सांस के मरीजों और बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है या छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग ठंडी हवाओं से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह ढंक कर रखें और हृदय रोग से पीड़ित मरीज सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें।
उत्तर भारत में प्रशासन ने जगह-जगह अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की है ताकि बेघर लोगों को इस जानलेवा ठंड से बचाया जा सके।
