नोटिफिकेशन जारी: 20 जनवरी को होगा बीजेपी के नए 'बॉस' का चुनाव, नितिन नवीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय

20 जनवरी को होगा बीजेपी के नए बॉस का चुनाव, नितिन नवीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय
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नितिन नवीन पार्टी के 12वें पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में संगठन की बागडोर संभाल सकते हैं।

45 वर्ष की उम्र में वे भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष बनकर इतिहास रचेंगे। वे जेपी नड्डा की जगह लेंगे और पार्टी को नई दिशा देंगे।

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम और निर्णायक पड़ाव पर पहुँच गई है। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए आधिकारिक समय-सारणी जारी कर दी है।



इस रेस में वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन का नाम सबसे आगे है और उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होने वाला यह चुनाव भाजपा में एक बड़े 'जनरेशन शिफ्ट' का संकेत है, जहाँ पार्टी की कमान अब एक युवा और रणनीतिक तौर पर बेहद सक्षम नेतृत्व के हाथों में जाने वाली है।

​निर्वाचन कार्यक्रम और नामांकन से लेकर परिणाम तक की पूरी टाइमलाइन

​भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, चुनाव की पूरी प्रक्रिया दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय यानी 6ए, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर संपन्न होगी। इस कार्यक्रम की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को दोपहर 12:00 बजे निर्वाचक मंडल की सूची के प्रकाशन के साथ हो चुकी है।

इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण दिन 19 जनवरी सोमवार का होगा, जब दोपहर 02:00 बजे से 04:00 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। शाम को ही इन पत्रों की जाँच होगी और नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अंतिम रूप से 20 जनवरी मंगलवार को सुबह 11:30 बजे से प्रक्रिया शुरू होगी और यदि आवश्यकता हुई तो मतदान होगा, अन्यथा निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। इसी दिन नए अध्यक्ष का भव्य स्वागत और पदभार ग्रहण समारोह भी आयोजित किया जाएगा।

​नितिन नवीन का राजनीतिक सफर और छात्र राजनीति से राष्ट्रीय शिखर तक की यात्रा

​बिहार की राजधानी पटना से ताल्लुक रखने वाले नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को हुआ था और उन्होंने बहुत कम उम्र में ही राजनीति की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था।

उन्होंने अपने पिता और भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. नवीन किशोर सिन्हा के आकस्मिक निधन के बाद राजनीति में कदम रखा और 2005 के उपचुनाव में पहली बार विधायक बनकर अपनी क्षमता दिखाई।

वे लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं और बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री तथा नगर विकास मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी बखूबी संभाल चुके हैं।

उनकी सबसे बड़ी सांगठनिक उपलब्धि 2023 के छत्तीसगढ़ चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड जीत है, जहाँ उन्होंने प्रदेश प्रभारी के रूप में एक हारी हुई बाजी को जीत में बदल दिया।

इसी शानदार प्रदर्शन ने उनके लिए दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व के बीच भरोसे का रास्ता खोल दिया।

​सबसे युवा अध्यक्ष बनने का ऐतिहासिक कीर्तिमान और गडकरी का रिकॉर्ड

​भाजपा के इतिहास में अब तक का सबसे युवा अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड नितिन गडकरी के नाम दर्ज था, जिन्होंने 52 वर्ष की आयु में यह जिम्मेदारी संभाली थी। यदि 45 वर्षीय नितिन नवीन 20 जनवरी को अध्यक्ष पद की शपथ लेते हैं, तो वे गडकरी का रिकॉर्ड तोड़कर भाजपा के अब तक के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे।

पार्टी का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसमें वे संगठन को नई ऊर्जा और आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं। यह बदलाव आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव और 2029 के आम चुनावों के लिए एक नई और मजबूत टीम तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

​चुनाव के लिए अनिवार्य संवैधानिक नियम और आवश्यक योग्यताएं

​भाजपा का संविधान विशेष रूप से धारा 19 और 21 के तहत अध्यक्ष पद के लिए कुछ बेहद सख्त शर्तें निर्धारित करता है। उम्मीदवार बनने के लिए व्यक्ति को कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य होना अनिवार्य है और वह कम से कम चार अलग-अलग अवधियों तक सक्रिय सदस्य रहा हो।

इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तब तक नहीं हो सकता जब तक कि देश के कम से कम 50 प्रतिशत संगठनात्मक राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव पूरे न हो चुके हों।

नितिन नवीन के नामांकन के लिए पार्टी के भीतर तीन अलग-अलग सेट तैयार किए जा रहे हैं, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के हस्ताक्षर शामिल होंगे, जो उनकी निर्विरोध जीत की पुष्टि करेंगे।

​भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षों का गौरवशाली इतिहास और जेपी नड्डा की विदाई

​1980 में पार्टी की स्थापना से लेकर अब तक 11 दिग्गजों ने इस गरिमामय पद को सुशोभित किया है। अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा के पहले अध्यक्ष थे, जिनके बाद लालकृष्ण आडवाणी ने सबसे लंबे समय तक कमान संभाली।

पार्टी के सफर में मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और अमित शाह जैसे नेताओं ने संगठन को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाने में योगदान दिया।

वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल 20 जनवरी को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद नितिन नवीन पार्टी के 12वें पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में संगठन की बागडोर संभालेंगे।

उनकी नियुक्ति के साथ ही भाजपा में एक नए युग का उदय होगा जो तकनीकी और सांगठनिक रूप से और अधिक आधुनिक होगा।

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