Tamil Nadu Assembly Elections 2026: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची में अपना नाम न होने पर स्थिति स्पष्ट की है। शनिवार को चेन्नई एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा जा रहा था कि उन्हें पार्टी ने टिकट देने से इनकार कर दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका अपना निर्णय था कि वे इस बार चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे और इस बारे में उन्होंने बहुत पहले ही पार्टी नेतृत्व को लिखित में जानकारी दे दी थी।
पार्टी ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
अन्नामलाई ने बताया कि उनका मुख्य ध्यान अब खुद के चुनाव लड़ने के बजाय बीजेपी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने पर है। उन्होंने कहा, "पार्टी ने मुझे 7 अप्रैल तक पुडुचेरी और केरल में प्रचार करने की जिम्मेदारी दी है। इसके बाद 7 अप्रैल से 23 अप्रैल तक मैं पूरे तमिलनाडु में चुनाव प्रचार करूंगा।"
अन्नामलाई ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी नेता नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष को पहले ही बता दिया था कि वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते।
लिस्ट में नाम न होने की असली वजह
मीडिया में चल रही चर्चाओं को खत्म करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी हाईकमान को जो संभावित उम्मीदवारों की सूची भेजी गई थी, उसमें भी उनका नाम शामिल नहीं था। उन्होंने कहा,''सच्चाई यह है कि मैंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है, ऐसा नहीं है कि मुझे टिकट देने से मना किया गया है। चूंकि यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ था, इसलिए मैं यहां स्पष्टीकरण दे रहा हूं।''
बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर दहाई अंक में पहुंचाने के बाद अन्नामलाई से विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका की उम्मीद की जा रही थी।
गठबंधन की राजनीति और अन्नामलाई की भूमिका
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि AIADMK की एनडीए में वापसी के बाद अन्नामलाई की भूमिका में बदलाव आया है। खबरों के अनुसार, AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गठबंधन के लिए अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की शर्त रखी थी। इसके अलावा, सीटों के बंटवारे को लेकर भी अन्नामलाई की असहमति की खबरें आती रही हैं। तमिलनाडु की सभी सीटों पर एक ही चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी।