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आगामी लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के साथ RLD के गठबंधन की अटकलें तेज हो रही हैं। आरएलडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन आगरी ने गठबंधन की अटकलों पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। 

नीतीश कुमार के बाद राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) नेता जयंत चौधरी के NDA के साथ जाने की अटकलें तेज है। दरअसल, राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा है कि लोकसभा चुनाव 2024 में सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बनी है। इसके बाद RLD भाजपा की अगुवाई वाले NDA में शामिल होकर चुनाव लड़ सकता है।   

RLD के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन आगरी ने कहा कि चुनावी साल है। बहुत सारी पार्टियां हमारे साथ गठबंधन के लिए आ रही हैं। बीजेपी ने पिछली बार भी गठबंधन की पेशकश की गई थी, इस बार भी पेशकश कर रही है। वे 4 सीटों की बात कर रहे हैं, लेकिन हमने 12 लोकसभा सीटों पर तैयारी की है। इस बात का निर्णय हम लेंगे कि हम किसके साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेंगे। जो पार्टी जनता और किसानों की हित के लिए हमारी मांगों पर सहमत होगी। हम उसी के साथ चुनाव लड़ेंगे। 

पहले सपा के साथ की थी गठबंधन की घोषणा
इससे पहले सपा और रालोद ने इसी साल 19 जनवरी को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन की घोषणा की थी। गठबंधन के तहत रालोद को सात सीटें दी गई थी, तब अखिलेश यादव ने X पर एक पोस्ट में कहा था कि रालोद और सपा के गठबंधन पर सभी को बधाई। आइए हम सभी जीत के लिए एकजुट हों।  

इस पोस्ट पर जयंत चौधरी ने कहा था कि राष्ट्रीय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हूं। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे गठबंधन के सभी कार्यकर्ता हमारे क्षेत्र के विकास और समृद्धि के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने दोनों नेताओं की हाथ मिलाते हुए तस्वीरें भी साझा की थीं।

आपको बता दें कि जाट मतदाता परम्परागत रूप से RLD का मुख्य वोट बैंक रहे हैं। मुजफ्फरनगर, कैराना, बिजनौर, मथुरा, बागपत, अमरोहा और मेरठ जाट बहुल लोकसभा क्षेत्र हैं। इन्हीं सीटों पर रालोद के प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने की संभावना है। 

 

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