कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार महिलाओं के मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर बिल पास हो जाता तो सरकार इसे अपनी जीत बताती और अगर नहीं होता तो विपक्ष को महिला विरोधी बताने की कोशिश करती।

नई दिल्ली। प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मिलकर सरकार की “साजिश” को नाकाम किया और यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है।

कांग्रेस महासचिव ने बयान में कहा कि सरकार ने महिला आरक्षण कानून पर तीन साल तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया और अब आखिरी समय में नोटिफिकेशन जारी कर दिया। उन्होंने मांग की कि सरकार इस कानून को तुरंत लागू करे। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष महिला आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन सरकार के तरीके का विरोध करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मुद्दे को गलत तरीके से पेश किया और लोकतंत्र के खिलाफ साजिश रची। प्रियंका गांधी के मुताबिक, विपक्ष ने एकजुट होकर इस कोशिश को विफल कर दिया, जो संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की जीत है।

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि सरकार की मंशा परिसीमन (Delimitation) के जरिए राजनीतिक लाभ हासिल करना था। उनका आरोप है कि महिला आरक्षण के नाम पर सरकार विपक्ष से बिल पास करवाना चाहती थी, ताकि आगे अपनी रणनीति को आसानी से लागू कर सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने विपक्ष पर दबाव बनाने के लिए यह संदेश देने की कोशिश की कि अगर बिल का समर्थन नहीं किया गया तो विपक्ष चुनाव नहीं जीत पाएगा। प्रियंका गांधी ने इसे सरकार की राजनीतिक रणनीति करार दिया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार महिलाओं के मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर बिल पास हो जाता तो सरकार इसे अपनी जीत बताती और अगर नहीं होता तो विपक्ष को महिला विरोधी बताने की कोशिश करती।