LPG Cylinder Weight Rumors: देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के बीच पिछले कुछ दिनों से घरेलू LPG सिलेंडर के वजन को लेकर चल रही चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर दावा किया जा रहा था कि सरकार 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर का वजन घटाकर 10 किलो करने जा रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन खबरों का सिरे से खंडन करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार और अफवाह बताया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने दी आधिकारिक सफाई
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि सिलेंडर के वजन को बदलने से जुड़ी खबरें केवल अटकलों पर आधारित हैं। सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि मंत्रालय स्तर पर इस तरह का कोई भी बदलाव विचाराधीन नहीं है और ऐसी किसी भी 'स्पेकुलेशन' (Atkal) पर कोई आधिकारिक टिप्पणी देना संभव नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक जानकारियों पर भरोसा न करें।
अफवाहों से बचें उपभोक्ता
सरकार ने उपभोक्ताओं को सतर्क करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस प्रमाण या आधिकारिक अधिसूचना के ऐसी खबरें फैलाने से बचना चाहिए। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि गैस सिलेंडर का वजन और उसकी आपूर्ति एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें किसी भी बदलाव की जानकारी सरकार खुद सार्वजनिक माध्यमों से साझा करती है। फिलहाल, देशभर में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की व्यवस्था ही लागू रहेगी और इसमें किसी प्रकार की कटौती की कोई योजना नहीं है।
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच गहराता युद्ध
एक तरफ जहां घरेलू स्तर पर अफवाहों का बाजार गर्म है, वहीं वैश्विक स्तर पर ऊर्जा क्षेत्र के लिए स्थितियां बेहद भयावह होती जा रही हैं। मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच सीधे संघर्ष और अमेरिका के हस्तक्षेप के कारण स्थिति विस्फोटक बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकियों और तेल रिफाइनरियों पर मंडराते खतरों ने दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की कीमतों को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। युद्ध के कारण आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर ईंधन की आपूर्ति और महंगाई को लेकर हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।