नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल और संसदीय सीटों के विस्तार (परिसीमन) को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। गुरुवार से शुरू हो रहे संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से ठीक पहले बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर 'INDIA' गठबंधन के नेताओं की बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव और संजय सिंह समेत विपक्ष के तमाम दिग्गज जुटे। बैठक के बाद खड़गे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष महिला आरक्षण का समर्थन करता है, लेकिन सरकार की मंशा और 'परिसीमन' के पेच पर उसे गंभीर आपत्तियां हैं।
क्या बोले मल्लिकार्जुन खड़गे?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद मीडिया से कहा, "हम सभी महिला आरक्षण बिल के पक्ष में हैं। हमने हमेशा इसका समर्थन किया है, लेकिन सरकार इसे जिस तरह से लाई है, वह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। सरकार विपक्षी दलों को दबाने के लिए ऐसा कर रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनगणना (Census) तक स्पष्ट नहीं की है और परिसीमन के नाम पर 'ट्रिक्स' खेल रही है। खड़गे ने असम और जम्मू-कश्मीर का हवाला देते हुए कहा कि सरकार पहले भी इन मुद्दों पर धोखा दे चुकी है।
#WATCH | Delhi | Following the INDIA bloc meeting, Congress President Mallikarjun Kharge says, "We all are in favour of the Women's Reservation Bill. But the way in which they have brought it, we have reservations about that. It is politically motivated. Just to suppress the… pic.twitter.com/wJtYNOlUGA
— ANI (@ANI) April 15, 2026
परिसीमन बिल पर एकजुट हुआ विपक्ष
विपक्षी दलों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि वे संसद में सरकार के 'परिसीमन बिल' (Delimitation Bill) का कड़ा विरोध करेंगे। विपक्ष का मानना है कि सरकार जानबूझकर तीन अलग-अलग मुद्दों- महिला आरक्षण, राष्ट्रीय परिसीमन और लोकसभा सीटों में वृद्धि को आपस में मिला रही है ताकि जनता में भ्रम पैदा किया जा सके। खड़गे ने कहा कि संविधान की शक्तियों को कार्यपालिका द्वारा छीना जा रहा है और वे संसद में एकजुट होकर इसके खिलाफ लड़ेंगे।
विपक्षी बैठक में शामिल हुए ये दिग्गज नेता
खड़गे के आवास पर हुई इस बैठक में विपक्षी एकता की मजबूत झलक दिखी। इसमें कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल, DMK के टीआर बालू, RJD के तेजस्वी यादव, शिवसेना (UBT) के संजय राउत, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, NCP (SP) की सुप्रिया सुले, AAP के संजय सिंह और TMC के डेरेक ओ'ब्रायन सहित वामपंथी दलों और अन्य क्षेत्रीय दलों के नेता शामिल हुए। इन सभी ने आगामी सत्र के लिए साझा रणनीति पर मुहर लगाई।
#WATCH | Delhi | INDIA bloc leaders meet at the residence of Congress President Mallikarjun Kharge in Delhi over Women's Reservation Bill and parliamentary seat expansion pic.twitter.com/vOiWjiIPMG
— ANI (@ANI) April 15, 2026
सरकार का पलटवार
दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के विरोध पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पिछली बार भी किसी दल ने विरोध नहीं किया था, इसलिए सिद्धांत रूप में सब साथ हैं। रिजिजू ने कहा, "40 साल का इंतजार बहुत लंबा है, अब और देरी करना दर्दनाक होगा। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि 2029 से आरक्षण लागू करना राष्ट्र की भावना है। महिला आरक्षण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं होना चाहिए।"
आगे क्या होगा?
16 अप्रैल से शुरू हो रहे विशेष सत्र में सरकार 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के संवैधानिक संशोधन पर जोर देगी। वहीं, विपक्ष का कहना है कि पुराने संशोधनों को लागू किया जाए और परिसीमन के नाम पर सीटों के गणित में बदलाव कर दक्षिण भारतीय राज्यों या विपक्ष शासित राज्यों के प्रतिनिधित्व के साथ खिलवाड़ न हो।










