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Indian Navy Veterans Released by Qatar: कतर की जेल में बंद आठ भारतीय नौसेना के दिग्गजों को रिहा कर दिया गया है। इन्हें कथित तौर पर जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इनमें से सात पूर्व अफसर भारत लौट आए। वापस आने पर पूर्व अफसरों ने पीएम मोदी का आभार प्रकट किया है।

Indian Navy Veterans Released by Qatar: भारत सरकार को एक बड़ी कूटनीतिकि जीत मिली है। कतर ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसरों को रिहा कर दिया है। इन एक्स नेवी ऑफिशियल्स को कथित तौर पर जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह सभी बीते 18 महीने से कतर की जेल में बंद थे। भारत सरकार ने सोमवार सुबह इन अफसरों के रिहा होने की जानकारी दी। यह भी बताया कि इनमें से सात अफसर देश लौट आए हैं। 

भारत सरकार ने पूर्व नौसैनिकों की रिहाई का स्वागत किया
भारत सरकार ने इन पूर्व नौसैनिकों की रिहाई का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने इन सैनिकों की वापसी पर कहा कि भारत सरकार दाहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है। इन भारतीयों को कतर में हिरासत में लिया गया था। उनमें से आठ में से सात भारत लौट आए हैं। हम इन भारतीय गरिकों की रिहाई के फैसले के लिए कतर के अमीर के फैसले की सराहना करते हैं।

कौन हैं रिहा किए गए पूर्व नौसेना अफसर
कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा , कमांडर पूर्णेंदु तिवारी,, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर संजीव गुप्ताऔर नाविक रागेश सहित व्यक्तियों को अगस्त में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सभी सैन्य अफसर कतर के दाहरा ग्लोबल द्वारा नियुक्त किए गए थे। यह सभी  कतरी अमीरी नौसेना में इटालियन यू 212 स्टील्थ पनडुब्बियों का ऑपरेशन शुरू करने में मदद करने के लिए काम पर रखे गए थे। 

कब हुई थी कतर में पूर्व नौसैनिकों को सजा
26 अक्टूबर, 2023 को इन सभी पूर्व अफसरों को कतर की अदालत ने मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में भारत के राजनयिक हस्तक्षेप के बाद बीते साल दिसंबर में मौत की सजा को कम कर दिया गया था। नौसेना के दिग्गजों ने उनकी रिहाई सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। भारत सरकार ने इन पूर्व नौसेनिकों के लिए काउंसलर एक्सेस हासिल किया था और लगातार इनकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए कोशिश में जुटी थी। 

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