हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने घरेलू उड़ानों के टिकट किराए पर लगी अस्थायी सीमा को हटाने का फैसला लिया है। यानी अब एयरलाइंस अपनी मर्जी से टिकट के दाम तय कर सकेंगी।

Flight Ticket Price India: हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने घरेलू उड़ानों के टिकट किराए पर लगी अस्थायी सीमा को हटाने का फैसला लिया है। यानी अब एयरलाइंस अपनी मर्जी से टिकट के दाम तय कर सकेंगी।

क्या बदला है अब?
अब तक घरेलू फ्लाइट टिकट पर एक ऊपरी सीमा तय थी, जिससे ज्यादा कीमत वसूलने पर रोक थी। लेकिन सोमवार से यह सीमा पूरी तरह हटा दी गई है।

इस फैसले के बाद एयरलाइंस अब दूरी, मांग और बाजार की स्थिति के हिसाब से किराया तय करेंगी। पहले इकोनॉमी क्लास टिकट के लिए करीब 18,000 रुपये तक की अधिकतम सीमा मानी जाती थी।

सरकार ने क्या कहा?
भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपने आदेश में साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर सरकार फिर से दखल दे सकती है। सरकार ने यह भी कहा कि अगर किसी आपात स्थिति या ज्यादा मांग के दौरान किराए में अनुचित बढ़ोतरी होती है, तो उस पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

क्यों हटाई गई सीमा?
इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण एयरलाइंस की बढ़ती लागत है। खासतौर पर Aviation Turbine Fuel (ATF) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और उड़ानों में आई रुकावटों ने भी इस सेक्टर को प्रभावित किया है।

एयरलाइंस की थी मांग
एयरलाइंस कंपनियां लंबे समय से इस सीमा को हटाने की मांग कर रही थीं। इंडस्ट्री बॉडी Federation of Indian Airlines का कहना था कि किराए पर पाबंदी के कारण उन्हें नुकसान हो रहा है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे हैं।

यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस फैसले का असर आम यात्रियों पर क्या होगा।

  1. ज्यादा डिमांड के समय टिकट महंगे हो सकते हैं
  2. ऑफ-सीजन में सस्ते टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी
  3. एयरलाइंस के बीच प्रतिस्पर्धा से कुछ रूट्स पर कीमतें संतुलित रह सकती हैं

आगे क्या?
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह पूरी तरह हाथ नहीं खींच रही है। अगर कहीं भी मनमानी कीमतें वसूली गईं, तो दोबारा नियंत्रण लागू किया जा सकता है।