ममता बनर्जी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि बंगाल और बांग्लादेश के बीच केवल राजनीतिक संबंध नहीं, बल्कि भाषाई और सांस्कृतिक जड़ें भी एक ही हैं।

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की ऐतिहासिक जीत पर अपनी खुशी जाहिर की है।

मुख्यमंत्री ने कूटनीतिक शिष्टाचार निभाते हुए बीएनपी के शीर्ष नेता तारिक रहमान को जीत की आधिकारिक बधाई दी और उनके लिए विशेष रूप से शुभकामनाओं के साथ फूल और बंगाल की प्रसिद्ध मिठाइयां भेजी हैं।

​लोकतांत्रिक बदलाव और सांस्कृतिक रिश्तों का हवाला

​मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में आई इस नई राजनीतिक लहर का स्वागत करते हुए कहा कि वहां की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपना भविष्य चुना है। उन्होंने तारिक रहमान को भेजे अपने संदेश में रेखांकित किया कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश केवल सीमा साझा नहीं करते, बल्कि उनके बीच भाषा, कला और संस्कृति का गहरा और अटूट बंधन है।

ममता ने उम्मीद जताई कि नई सरकार के आने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच आपसी प्रेम और सहयोग का एक नया अध्याय शुरू होगा।

​बीएनपी चेयरमैन के राजनीतिक कार्यालय ने इस बात की पुष्टि की है कि शनिवार को ढाका के गुलशन स्थित कार्यालय में ममता बनर्जी की ओर से भेजी गई सौगातें प्राप्त की गईं।

बीएनपी मीडिया सेल के सदस्य अतिउर रहमान रुमन ने मुख्यमंत्री की ओर से भेजे गए फूलों के गुलदस्ते और मिठाइयों को स्वीकार किया। इस दौरान राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि पश्चिम बंगाल सरकार नई बनने वाली सरकार के साथ बेहतर समन्वय और मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्राथमिकता देने के लिए तत्पर है।

​भविष्य की चुनौतियों और शांति पर जोर

​अपनी शुभकामनाओं के साथ ही ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में शांति व्यवस्था और वहां की जनता की समृद्धि की भी कामना की है। उन्होंने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि एक स्थिर और खुशहाल बांग्लादेश पूरे दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत के सीमावर्ती राज्यों के लिए बेहद जरूरी है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ढाका में नई सत्ता के काबिज होने के बाद कोलकाता और ढाका के बीच व्यापारिक, आर्थिक और सामरिक रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।