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Surat Congress candidate:कांग्रेस से निलंबित होने चुके सूरत से पार्टी के प्रत्याशी निलेश कुंभानी ने चौंकाने वाले दावे किए हैं। कुंभानी ने कहा कि कांग्रेस नेता मुझ पर धोखा देने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, पहले कांग्रेस ने ही मेरे साथ विश्वासघात किया।

Surat Congress candidate: कांग्रेस से निलंबित होने चुके सूरत से पार्टी के प्रत्याशी निलेश कुंभानी ने चौंकाने वाले दावे किए हैं। कुंभानी 20 दिन तक लापता रहने के बाद शनिवार रात सामने आए। कुंभानी ने कहा कि कांग्रेस नेता मुझ पर धोखा देने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, पहले कांग्रेस ने ही मेरे साथ विश्वासघात किया। 2017 के विधानसभा चुनाव में सूरत के कामरेज विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए मेरा टिकट फाइनल हो गया था। लेकिन अंतिम समय में मेरा टिकट काट दिया गया था।

पांच स्वघोषित नेता सूरत में चल रहे कांग्रेस पार्टी
कुंभानी ने कहा कि यह कांग्रेस से थी जिसने पहले गलती की, मैनें नहीं। मैं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल और पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी परेश धनानी का सम्मान करते हुए इतने दिनों से चुप था। कुंभानी ने कहा कि मैं यह नहीं करना चाहता था, लेकिन मेरे समर्थक, ऑफिस के स्टाफ और कार्यकर्ताओं में पार्टी को लेकर नारागजी थी। यह सभी लोग इस बात से नाराज थे कि पार्टी को सूरत के पांच स्वघोषित नेता चला रहे थे। वे ना तो खुद काम कर रहे थे और ना ही दूसरों को करने दे रहे थे।

AAP नेताओं के साथ प्रचार किया तो जताई आपत्ति
कुंभानी ने कहा कि हालांकि  INDI गठबंधन में  AAP और कांग्रेस दोनों साथ हैं। लेकिन, जब मैं AAP नेताओं के साथ चुनाव प्रचार में निकलता था तो कांग्रेस के यही स्वघोषित नेता आपत्ति किया करते थे। जब कुंभानी से पूछा गया कि क्या उन्होंने कांग्रेस बदला लेने के लिए लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने में जानबूझ कर गलती की, तो उन्होंने कुछ भी स्पष्ट तौर पर कहने से इनकार कर दिया। बल्कि, 2019 के विधानसभा चुनाव में अपना टिकट काटे जाने की बात का जिक्र करते रहे।

कांग्रेस से सूरत नगर निगम के कॉर्पोरेट रहे हैं कुंभानी
बता दें कि निलेश कुंभानी कांग्रेस से सूरत नगर निगम के कॉर्पोरेटर रह चुके हैं। इससे पहले 2022 में कामरेज विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, बीजेपी प्रत्याशी ने कुंभानी को हरा दिया था। 21 अप्रैल को कुंभानी का नामांकन पर्चा रद्द कर दिया था। कुंभानी के तीन प्रस्तावकों ने रिटर्निंग ऑफीसर के सामने दावा किया कि उन्होंने कुंभानी के नामांकन से जुड़े दस्तावेजों पर साइन नहीं किए हैं। जिसके बाद कुंभानी का नामांकन खारिज कर दिया गया था। इसके साथ ही कांग्रेस के डमी कैंडिडेट सुरेश पदसाला का नामांकन भी खारिज कर दिया था।

कुंभानी को कांग्रेस पार्टी कर चुकी है निलंबित
कुंभानी का नामांकन रद्द होने के बाद बीएसपी प्रत्याशी ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद 22 अप्रैल को चुनाव आयोग ने बीजेपी के कैंडिडेट मुकेश दलाल के निर्विरोध सांसद निर्वाचित होने का ऐलान कर दिया था। कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन होने के कारण आम आदमी पार्टी ने सूरत लोकसभा सीट से अपने प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा था।  निलेश कुंभानी 22 अप्रैल के बाद से ही लापता थे। बाद में कांग्रेस ने कुंभानी को पार्टी से निलंबित कर दिया था। कांग्रेस ने कुंभानी को पार्टी से सस्पेंड करने के बाद कहा था कि या तो आप बेहद लापरवाह हैं, या फिर बीजेपी के साथ मिले हुए हैं।  गुजरात में सात मई को वोटिंग हुई थी। 

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