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Calcutta High Court Rejects Bail of Sheikh Shahjahan: मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अगुवाई वाली पीठ ने जमानत याचिका दायर करने के वकील के अनुरोध को ठुकरा दिया और कहा कि उन्हें शाहजहां से कोई हमदर्दी नहीं है।

Calcutta High Court Rejects Bail of Sheikh Shahjahan: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय टीम पर हमला करने वाला संदेशखाली का माफिया और टीएमसी नेता शेख शाहजहां 10 दिन की पुलिस रिमांड में है। उसे टीएमसी ने पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। इस बीच, पुलिस सूत्रों का कहना है कि शेख शाहजहां ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने 5 जनवरी को भीड़ को उकसाकर ईडी टीम पर हमला करने की बात कबूल की है। राशन घोटाले में ईडी की टीम उसके आवास पर छापा मारने पहुंची थी, तब हमले में कई अफसर घायल हो गए थे। शेख शाहजहां फरार हो गया था। 

उधर, उसकी गिरफ्तारी के बाद जमानत याचिका को लेकर पहुंचे शाहजहां के वकील से कलकत्ता हाईकोर्ट ने बेहद सख्त लहजे में बात की। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अगुवाई वाली पीठ ने जमानत याचिका दायर करने के वकील के अनुरोध को ठुकरा दिया और कहा कि उन्हें शाहजहां से कोई हमदर्दी नहीं है। अब मामले की सुनवाई 4 मार्च को होगी। 

वकील साहब, आपको यहां 10 साल आना है
वकील ने तर्क रखा कि जब शाहजहां को गिरफ्तार किया गया था, तब उनकी अग्रिम जमानत याचिका लंबित थी। मुख्य न्यायाधीश शिवगणनम ने जवाब दिया कि मिस्टर काउंसिल अद्भुत, हम आपका इंतजार कर रहे थे। इस आदमी (शाहजहां) के खिलाफ लगभग 43 मामले हैं। ध्यान रखें, अब अगले 10 साल आपको यहां आना है। आपको कम से कम अगले 10 वर्षों तक उसके सभी मामलों को संभालना होगा। शाहजहां के वकील ने कहा कि मेरी अग्रिम जमानत खारिज कर दी गई। 

दरअसल, शाहजहां की गिरफ्तारी बंगाल पुलिस ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर की है। हाईकोर्ट ने कहा था कि जो संदेशखाली प्रकरण की जड़ में है, वह कैसे फरार रह सकता है। शाहजहां को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उसे राज्य पुलिस, सीबीआई या प्रवर्तन निदेशालय कोई भी पकड़ सकता है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी पुलिस को शाहजहाँ को गिरफ्तार करने के लिए 72 घंटे की समय सीमा दी थी।

एक महीने से शाहजहां के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन
आरोपी शाहजहां और उसके सहयोगियों पर संदेशखाली की कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। क्षेत्र में एक महीने से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा है।

तृणमूल नेता पर आईपीसी की धारा 147 (दंगा करने का दोषी), 148 (घातक हथियार से लैस होकर दंगा करने का दोषी), 149 (गैरकानूनी सभा), 307 (हत्या का प्रयास), 333 (जो कोई भी स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाता है) और 392 (डकैती) के तहत आरोप लगाया गया है। पुलिस ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में ही शेख के खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों के आधार पर शेख और उसके सहयोगियों के खिलाफ 376डी (सामूहिक बलात्कार) सहित कई मामले दर्ज किए गए हैं। उनके करीबी सहयोगी शिबाप्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार को पहले इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

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