SIR पर जोरदार बहस: राहुल बोले- सभी संस्थानों पर RSS कब्जा चाहती है, अखिलेश ने कहा- SIR के बहाने NRC लागू हो रहा

Parliament Winter Session
Parliament Winter Session: शीतकालीन सत्र के सातवें दिन मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर बहस की जा रही है। इस दौरान विपक्ष के कई नेताओं ने सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस देश की सभी संस्थाओं पर नियंत्रण चाहती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, ED, सीबीआई, IB और इनकम टैक्स- इन सभी एजेंसियों पर कब्जा किया जा रहा है और इनका इस्तेमाल राजनीति में किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि देशभर की यूनिवर्सिटी में आरएसएस से जुड़े लोगों को वाइस चांसलर बनाया जा रहा है और ये नियुक्तियां नियमों के खिलाफ की गई हैं।
अखिलेश यादव का आरोप- SIR के बहाने NRC लागू करने की तैयारी
बहस के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर SIR के नाम पर अंदर ही अंदर NRC लागू करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में डिटेंशन सेंटर बनाने की बातें हो रही हैं और इसे छिपाने के लिए SIR का इस्तेमाल किया जा रहा है।
TMC का हमला- SIR वोट डिलीट करने का टूल
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि SIR अब वोटर लिस्ट से नाम हटाने का टूल बन गया है, जबकि चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने की अथॉरिटी नहीं रखता। उन्होंने दावा किया कि लाखों वोटर डिलीट किए जा रहे हैं और बीजेपी इसे लेकर जश्न मना रही है।
मनीष तिवारी बोले- देशभर में SIR कराना गैरकानूनी
बहस की शुरुआत कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने की। उनका कहना था कि 12 राज्यों में किया जा रहा SIR संवैधानिक आधार के बिना है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले डायरेक्ट केस ट्रांसफर पर रोक लगनी चाहिए, EVM की जगह बैलट पेपर से चुनाव कराने पर विचार होना चाहिए, और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली कमेटी में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और CJI को शामिल करना चाहिए।
शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष लगातार SIR सहित चुनावी प्रक्रियाओं पर चर्चा की मांग कर रहा था। 1 और 2 दिसंबर को इस मुद्दे पर संसद में जोरदार हंगामा हुआ था। इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष के नेताओं को 2 दिसंबर को बैठक के लिए बुलाया। दोनों पक्षों की सहमति से 9 दिसंबर को लोकसभा में 10 घंटे की विस्तृत चर्चा तय की गई।
SIR क्या है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, चुनाव आयोग की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसमें
- वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है
- 18+ उम्र के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है।
- जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम हटाए जाते हैं।
- जो लोग शिफ्ट हो चुके हैं, उनका नाम स्थानांतरित किया जाता है।
- वोटर लिस्ट में दर्ज नाम और पते की गलतियों को ठीक किया जाता है।
- BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं और जानकारी की जांच करते हैं
इसी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है कि क्या यह पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से लागू हो रही है।
Live Updates
- 9 Dec 2025 5:10 PM
राहुल गांधी का आरोप- RSS का लक्ष्य सभी संस्थानों पर कब्जा करना
लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी, लेकिन आज उस विचारधारा से दूरी बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि यह एक “अजीब सच्चाई” है, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता।
राहुल गांधी के मुताबिक “भारत में हर संस्था जनता के वोट से ही बनी है, इसलिए आरएसएस का लक्ष्य हमेशा उन संस्थानों पर नियंत्रण स्थापित करना रहा है जिनकी बुनियाद लोकतांत्रिक वोट से तैयार हुई है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि गांधीजी की हत्या के बाद “अगला चरण भारत के संस्थागत ढांचे पर कब्जा” करने का प्रयास था।
#WATCH | लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी के सीने में तीन गोलियां लगीं। नाथूराम गोडसे ने हमारे देश के पिता की हत्या की। आज, हमारा दोस्त उन्हें गले नहीं लगाता। आज, हमारे दोस्तों ने उन्हें दूर कर दिया है। यह एक अजीब सच… pic.twitter.com/Gmph25J3rQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2025 - 9 Dec 2025 5:09 PM
राहुल गांधी का आरोप- बीजेपी ने CEC नियुक्ति से CJI को हटाया, चुनाव आयोग को सत्ता के हिसाब से बदला
चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति प्रक्रिया से मुख्य न्यायाधीश (CJI) को हटाने का निर्णय राजनीतिक उद्देश्य से लिया गया। उन्होंने कहा कि “मैं खुद उस बैठक में मौजूद था, जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह बैठे थे और दूसरी तरफ मैं। इससे पहले किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा कदम नहीं उठाया।”
राहुल के अनुसार, दिसंबर 2023 में ऐसा प्रावधान किया गया कि किसी भी चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सके और यह बदलाव लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले लागू हुआ। उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी और चुनावी डेटा से जुड़े नियमों में भी संशोधन किए गए, जिससे “सत्ता और चुनाव आयोग के बीच तालमेल” दिखाई देता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह केवल डेटा का नहीं बल्कि पूरे चुनावी सिस्टम का सवाल है और उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है।
- 9 Dec 2025 4:50 PM
राहुल गांधी का आरोप- बीजेपी चुनाव आयोग को कंट्रोल कर रही, तीन बड़े सवाल उठाए
लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के लगभग सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति आरएसएस से जुड़े हैं, जिसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि वे संगठन का नाम लेने के बजाय चुनाव सुधार के विषय पर ही बोलें। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टिप्पणी की कि “हम सभी नेता प्रतिपक्ष को सुनने बैठे हैं, लेकिन अगर वे विषय से हटकर बोलेंगे तो यह समय की बर्बादी है।”
राहुल गांधी ने इसके जवाब में तीन सवाल उठाते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि बीजेपी चुनाव आयोग पर सीधा प्रभाव डाल रही है और चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने पूछा-
- चुनाव आयुक्त की नियुक्ति समिति से CJI को बाहर क्यों किया गया?
- दिसंबर 2023 में कानून बदलकर CEC को कंट्रोल करने की कोशिश क्यों की गई?
- चुनाव के 45 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का प्रावधान क्यों रखा गया?
#WATCH | In the Lok Sabha, LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "It is the idea that every thread, every person in the Union of India is equal that disturbs my friends in the RSS. They are happy to see the fabric, but they cannot stand the idea that every single person in the… pic.twitter.com/WEAtdLi5EX
— ANI (@ANI) December 9, 2025 - 9 Dec 2025 4:40 PM
राहुल गांधी बोले- भारत 1.4 अरब लोगों से बुना लोकतांत्रिक ‘कपड़ा’, वोट ही इसकी असली ताकत
लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी को केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि जनता की अभिव्यक्ति और भारत की सामूहिक शक्ति के प्रतीक के रूप में देखा था। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में मिलने वाली पोशाकें- हिमाचली टोपी, असमिया गोमचा, बनारसी और कांचीपुरम साड़ी, नागा जैकेट जैसे परिधान सिर्फ संस्कृति की पहचान नहीं हैं, बल्कि ये दर्शाती हैं कि हजारों धागे मिलकर एक खूबसूरत कपड़ा बनाते हैं।
राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा कि अकेला धागा न सुरक्षा दे सकता है और न गर्मी, लेकिन जब वे एक साथ जुड़ते हैं तो कपड़ा बनता है और वही कपड़ा समाज, संस्कृति और कल्पना की अभिव्यक्ति बन जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि “हमारा देश भी 1.4 बिलियन लोगों से बना वही कपड़ा है, और यह कपड़ा वोट से बुना जाता है। लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और पंचायत- इन सबकी बुनियाद जनता के वोट पर टिकी है। अगर वोट न हो, तो कोई भी लोकतांत्रिक संस्था अस्तित्व में नहीं रहती।”
#WATCH | In the Lok Sabha, LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "Have you ever wondered why Mahatma Gandhi laid such emphasis on Khadi? Why was it that he framed the entire Indian freedom struggle around the concept of khadi, and why is it that he only wore Khadi? Because Khadi… pic.twitter.com/rTJaePZJGm
— ANI (@ANI) December 9, 2025 - 9 Dec 2025 3:46 PM
JDU सांसद ललन सिंह बोले- “EVM से बूथ कैप्चरिंग की गंदी प्रथा खत्म हुई
JDU सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने EVM पर उठ रहे सवालों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “बैलट पेपर के जमाने में बूथ कैप्चरिंग आम बात थी, लोग बूथ लूट लेते थे। चुनाव आयोग ने EVM लाकर इस गंदी प्रथा को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।”
ललन सिंह ने साफ कहा कि न तो जदयू और न ही मोदी सरकार कभी चुनाव आयोग या किसी संवैधानिक संस्था पर दबाव डालती है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए बोले, “आपके समय में जब एक चुनाव आयुक्त का कार्यकाल खत्म हुआ तो उन्हें राज्यसभा भेज दिया गया और मंत्री भी बना दिया गया।”
SIR (सिटीजनशिप आइडेंटिफिकेशन रजिस्ट्रेशन) प्रक्रिया का पुरजोर समर्थन करते हुए ललन सिंह ने कहा, “नागरिकता का प्रमाण-पत्र मांगने में डरने की क्या बात है? हमने खुद भी फॉर्म भरा है।” उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए बताया कि सिर्फ दो जिलों में ही करीब 5 लाख लोगों ने नागरिकता प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया था। सवाल उठाया, “ये पांच लाख लोग कौन थे?”
- 9 Dec 2025 3:07 PM
लोकसभा में टीएमसी का हमला: कल्याण बनर्जी बोले- बीजेपी ‘बंगाली हेटर’, SIR वोट डिलीट करने का टूल
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी “बंगाली हेटर” है। उन्होंने दावा किया कि इसी सोच के कारण विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी गई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को “बंकिम दा” कह रहे हैं, जबकि बंकिम दा का जन्म उनसे तीन पीढ़ी पहले हुआ था। बनर्जी ने पूछा कि क्या कभी मोदी ने सरदार पटेल को भी “दादा” कहा?
बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतुआ समुदाय के लोग भूख हड़ताल पर बैठे थे, जबकि इसी समुदाय से एक केंद्रीय मंत्री भी हैं। उन्होंने बिहार में भाजपा नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मोदी ने कहा था कि घुसपैठियों को निकालने के लिए एसआईआर लागू किया गया, लेकिन एक भी घुसपैठिया नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अगर विदेशी देश में आ रहे हैं तो यह रोकना गृह मंत्री और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है।
मिजोरम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर अलग नीति अपनाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि “रोहिंग्या” का मुद्दा उठाकर बंगालियों को निशाना बनाया जा रहा है।
कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर अब वोट डिलीट करने का हथियार बन गया है। चुनाव आयोग लाखों वोटर हटाए जाने की बात कर रहा है और भाजपा इसे लेकर जश्न मना रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की नागरिकता तय करने का अधिकार चुनाव आयोग के पास नहीं है।
- 9 Dec 2025 2:44 PM
राज्यसभा में खड़गे का तीखा बयान- “PM और अमित शाह हर मौके पर नेहरू को निशाना बनाते हैं”
राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ पर हुई बहस के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
खड़गे ने कहा कि जब 1921 में महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन की शुरुआत की थी, तब कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ता और स्वतंत्रता सेनानी वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए जेल गए, जबकि उस समय भाजपा की विचारधारा अंग्रेजों के साथ खड़ी दिखाई देती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् को जन-आंदोलन का नारा बनाया, लेकिन भाजपा का इतिहास देशभक्ति के गीतों और स्वतंत्रता संग्राम की परंपरा का विरोध करने का रहा है।
खड़गे ने यह भी कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी, जिसमें जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और गोविंद वल्लभ पंत जैसे नेता शामिल थे ने एक प्रस्ताव पास किया था कि राष्ट्रीय समारोहों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो छंद ही गाए जाएं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री और गृहमंत्री इन महान नेताओं के सामूहिक निर्णय पर भी सवाल उठा रहे हैं और नेहरू को टारगेट करना किस तरह उचित है।
- 9 Dec 2025 2:42 PM
अखिलेश ने कहा- मृतक BLO के परिवार को एक करोड़ दें
अखिलेश ने कहा- एसआईआर जो यूपी में चल रही है। अभी तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। 9 की सूची मेरे पास है। यूपी में बीएलओ को बहुत कम ट्रेनिंग मिली है। बीएलओ के साथ उनका परिवार लगा हुआ है। महिला फॉर्म नहीं भर सकतीं। परिवार के लोग मिलकर फॉर्म भर रहे हैं। पार्टी की तरफ से दो लाख की मदद की है। एक करोड़ की मदद और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।
- 9 Dec 2025 2:34 PM
लोकसभा में अमित शाह का आरोप- बोले- कांग्रेस ने हमेशा वंदे मातरम् का विरोध किया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस ने राजनीति की और इसका परिणाम देश ने भुगता। उन्होंने कहा कि “जब वंदे मातरम् के 50 साल पूरे हुए, तब इसे सीमित कर दिया गया और वहीं से तुष्टिकरण की शुरुआत हुई। यही तुष्टिकरण आगे चलकर देश विभाजन तक पहुंचा।”
अमित शाह के अनुसार, अगर कांग्रेस ने उस समय वंदे मातरम् को लेकर तुष्टिकरण नहीं किया होता, तो देश के दो हिस्सों में बंटने की नौबत ही नहीं आती। उन्होंने आगे कहा कि “जब वंदे मातरम् के 100 साल पूरे हुए, तब देश में इमरजेंसी लगा दी गई। उस समय राष्ट्रगीत के सम्मान और प्रसार की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई। इंदिरा गांधी ने वंदे मातरम् का नारा लगाने वालों को जेल में डाल दिया।”
#WATCH | Union Home Minister Amit Shah says, " When Vande Mataram was limited after it completed 50 years, that is when appeasement started. That appeasement led to the partition of the country. Had the Congress not divided Vande Mataram for appeasement, the country would not… pic.twitter.com/qbBxFQGaZ8
— ANI (@ANI) December 9, 2025अमित शाह ने लोकसभा की हालिया चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि “जब इस विषय पर सदन में बात हुई तो गांधी परिवार के दोनों सदस्य अनुपस्थित रहे। जवाहरलाल नेहरू से लेकर आज तक, कांग्रेस वंदे मातरम् के प्रति हमेशा विरोध की राजनीति करती रही है।”
- 9 Dec 2025 2:33 PM
अमित शाह बोले- "वंदे मातरम् भारत के पुनर्जन्म का सच्चा मंत्र..."
राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कहा- “जब अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए, तब बंकिम बाबू ने एक पत्र में लिखा था कि मुझे तनिक भी आपत्ति नहीं अगर मेरा सारा साहित्य गंगा में बहा दिया जाए, बस यह एक मंत्र- वंदे मातरम्- अनंत काल तक जीवित रहे। यह महान गान बनेगा, लोगों के हृदय को जीतेगा और भारत के पुनर्निर्माण का आधार बनेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “आज दोनों सदनों में वंदे मातरम् पर हुई इस चर्चा से, इसके महिमा-गान से हमारे बच्चे, किशोर, युवा और आने वाली अनेक पीढ़ियां इस मंत्र के महत्व को गहराई से समझेंगी और इसे राष्ट्र के पुनर्निर्माण का मजबूत आधार बनाएंगी।”
गृह मंत्री ने जोर देकर कहा, “वंदे मातरम् ने उस राष्ट्र को जगा दिया था जो अपनी दिव्य शक्ति को भूल चुका था। इसने राष्ट्र की आत्मा को पुनर्जागृत किया। इसी कारण महर्षि अरविंद ने कहा था- वंदे मातरम् भारत के पुनर्जन्म का सच्चा मंत्र है।”
