कोलकाता में ED की बड़ी कार्रवाई: IPAC के कार्यालय पर छापेमारी, ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना

ED ने ममता बनर्जी के चुनावी रणनीतिकार से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की।
IPAC ED raid: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान राजनीतिक सलाहकार संस्था IPAC के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास समेत कम से कम पांच जगहों पर तलाशी ली गई। हालांकि, जांच किस मामले से जुड़ी है, इस पर ED की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
ED की इस कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावों से पहले उनकी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि क्या जांच एजेंसियों का काम किसी राजनीतिक दल के दस्तावेज, डेटा और उम्मीदवारों से जुड़ी जानकारी जुटाना है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
What gives Mamata the audacity to remove files from the iPac office during an active @dir_ed raid?
— Promita Mukherjee🇮🇳 (@promzzz) January 8, 2026
And why is @CPKolkata helping in this criminal act?
Why is the RAF there with tear gas cells?
Why is the media being removed from the area? pic.twitter.com/AG0aLhfN4z
ग्रीन फाइल बनी सियासी बहस का मुद्दा
मीडिया से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी के हाथ में एक हरी फाइल देखी गई, जिसे लेकर भाजपा नेताओं ने सवाल खड़े किए। भाजपा का दावा है कि मुख्यमंत्री कुछ अहम दस्तावेज छिपाने की कोशिश कर रही थीं, जिससे विवाद और गहरा गया।
Kolkata, West Bengal: On Enforcement Directorate (ED) officials conducted a raid at the IPAC office in Salt Lake, Union Minister of State Sukanta Majumdar says, "We are not aware of the details. The ED can provide the information." pic.twitter.com/DOKhRrSzcI
— IANS (@ians_india) January 8, 2026
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने TMC पर जोरदार हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने ED की चल रही जांच में हस्तक्षेप किया। भंडारी का दावा है कि मुख्यमंत्री छापेमारी के दौरान प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और वहां से एक फाइल और मोबाइल फोन लेकर निकलती दिखीं। भाजपा ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री क्या छिपाना चाहती हैं और किसे बचाने की कोशिश हो रही है।
'अवैध पैसों की कड़ी' का दावा
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ED की कार्रवाई से तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा एक कथित अवैध धन लेन-देन नेटवर्क उजागर हुआ है। उनका दावा है कि राजनीतिक सलाहकार संस्था को पैसों को छिपाने के माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चुनावी माहौल में बढ़ा राजनीतिक टकराव
ED की कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इस छापेमारी ने बंगाल की राजनीति में एक बार फिर केंद्र बनाम राज्य की बहस को हवा दे दी है।
