दिल्ली-टोक्यो उड़ानों में सुरक्षा चूक: DGCA ने एयर इंडिया के पायलटों को जारी किया शो-कॉज नोटिस, 14 दिन में मांगा जवाब

DGCA ने दिल्ली-टोक्यो रूट की एयर इंडिया फ्लाइट्स AI-357 और AI-358 में सुरक्षा चिंताओं को लेकर पायलटों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है।
Delhi-Tokyo flights Security lapses: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने दिल्ली और जापान के बीच संचालित एयर इंडिया की दो उड़ानों में सामने आई सुरक्षा चिंताओं को लेकर संबंधित पायलटों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। DGCA ने इन पायलटों से 14 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
DGCA के अनुसार, यह नोटिस 29 दिसंबर को जारी किया गया, जिसमें एयर इंडिया की फ्लाइट AI-357 और AI-358 से जुड़ी सुरक्षा खामियों का उल्लेख किया गया है। इनमें विमान की डिस्पैच प्रक्रिया, मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट (MEL) के पालन और फ्लाइट क्रू के निर्णयों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
बताया गया है कि फ्लाइट AI-357 दिल्ली से टोक्यो जा रही थी, जबकि फ्लाइट AI-358 टोक्यो से दिल्ली के लिए संचालित की जा रही थी। DGCA का कहना है कि पायलटों ने बार-बार तकनीकी खामियां सामने आने और सिस्टम डिग्रेडेशन के बावजूद विमान को ऑपरेशन के लिए स्वीकार किया।
नागर विमानन प्राधिकरण ने नोटिस में कहा है कि फ्लाइट AI-358 के दौरान विमान के R2 दरवाजे के पास धुएं जैसी गंध की सूचना मिली थी। इसके अलावा, PACK ACM L और Pack Mode से जुड़ी एडवाइजरी भी ऑपरेटिंग क्रू को प्राप्त हुई थीं।
DGCA ने यह भी उल्लेख किया कि इन्हीं सिस्टम से जुड़ी तकनीकी खामियां इससे पहले पांच उड़ानों में दर्ज की जा चुकी थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विमान में पहले से सिस्टम डिग्रेडेशन की समस्या मौजूद थी।
नोटिस के मुताबिक, 28 दिसंबर को लोअर राइट रीसर्कुलेशन फैन की स्थिति MEL की ‘O’ कंडीशन के अनुरूप नहीं थी। इसके बावजूद ऑपरेटिंग क्रू ने MEL की सीमाओं को ठीक से समझे बिना विमान को स्वीकार किया।
DGCA ने कहा कि विमान VT-ANI को ऐसे MEL आइटम्स के साथ डिस्पैच किया गया, जो CAR सेक्शन-2, सीरीज-B, पार्ट-1 के पैरा 2.2 और 2.3 का उल्लंघन है। इसके बावजूद फ्लाइट AI-357 और AI-358 के पायलटों ने पूर्व जानकारी के बावजूद विमान का संचालन स्वीकार किया।
नागर विमानन महानिदेशालय ने संबंधित पायलटों को नोटिस मिलने के 14 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
