आतंक पर 'डबल स्ट्राइक': कठुआ में जैश का आतंकी उस्मान ढेर, अमृतसर में बब्बर खालसा का आतंकी ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंक के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी।
नई दिल्ली : देश के 77वें गणतंत्र दिवस से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने आतंकी साजिशों के खिलाफ दो बड़े प्रहार किए हैं।
पंजाब के अमृतसर में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के एक सक्रिय मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए एक आतंकी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से ग्रेनेड और पिस्तौल बरामद हुई है।
वहीं दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सेना और पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी उस्मान को मार गिराया है।
इन दोनों कार्रवाइयों से सुरक्षा एजेंसियों ने सरहद पार से रची जा रही बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया है।
#WATCH | Jammu and Kashmir: A joint operation was launched by the Army and Police in the general area Parhetar, Kathua. The area was cordoned, and contact was established. One foreign terrorist has been eliminated. Search operations are continuing.
— ANI (@ANI) January 23, 2026
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अमृतसर में बब्बर खालसा का आतंकी गिरफ्तार, ग्रेनेड बरामद
पंजाब में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के एक गुर्गे को अमृतसर SSOC ने दबोच लिया है।
खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई में आतंकी के पास से एक हैंड ग्रेनेड और अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त की गई है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह आतंकी विदेश में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर गणतंत्र दिवस के समारोहों के दौरान अशांति फैलाने और टारगेट किलिंग करने की योजना बना रहा था। इस गिरफ्तारी से पंजाब में एक संभावित आतंकी हमला टल गया है।
कठुआ के बिलावर में मुठभेड़, जैश का उस्मान ढेर
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी उस्मान को एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया।
भारतीय सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की एसओजी (SOG) टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उस्मान को चारों तरफ से घेर लिया था। घंटों चली गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों ने उसे ढेर कर दिया।
उस्मान के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह लंबे समय तक संघर्ष करने और सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुँचाने की तैयारी में था।
विदेशी हथियारों और आतंकी नेटवर्क का खुलासा
कठुआ में मारे गए आतंकी उस्मान के पास से एम-4 कार्बाइन और अमृतसर में पकड़े गए बब्बर खालसा के आतंकी से हैंड ग्रेनेड का मिलना एक बड़े खतरे की ओर इशारा करता है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये दोनों ही मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और आईएसआई (ISI) के सीधे संपर्क में थे। हथियारों की यह खेप ड्रोन या सीमा पार से घुसपैठ के जरिए भारत भेजी गई थी।
जांच टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन आतंकियों को स्थानीय स्तर पर कौन रसद और पनाह मुहैया करवा रहा था।
गणतंत्र दिवस को लेकर पूरे देश में हाई अलर्ट
इन दो बड़ी घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य कर दिया गया है। विशेषकर पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
गणतंत्र दिवस समारोहों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली सहित सभी प्रमुख शहरों में पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं। अमृतसर और कठुआ की कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा बल किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं और आतंकियों के किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब दिया जा रहा है।
आतंक के 'डबल फ्रंट' पर सुरक्षा बलों का कड़ा प्रहार
एक ही दिन में दो अलग-अलग आतंकी संगठनों बब्बर खालसा और जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ मिली यह सफलता सुरक्षा बलों के बीच बेहतरीन तालमेल को दर्शाती है।
जहां अमृतसर में पुलिस ने आतंकी नेटवर्क को तोड़ने में कामयाबी हासिल की, वहीं कठुआ में सेना ने एक खूंखार आतंकी का खात्मा किया।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी।
