Anil Agarwal Son Death: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन के बेटे अग्निवेश का निधन, अनिल अग्रवाल ने लिखा- मेरे जीवन का सबसे अंधेरा दिन

अनिल अग्रवाल (दाएं) ने बेटे के साथ यह तस्वीर फेसबुक पर शेयर की है
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और मशहूर उद्योगपति अनिल अग्रवाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके बड़े बेटे अग्निवेश अग्रवाल (49) का अमेरिका में निधन हो गया। बताया गया है कि अग्निवेश को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। यह जानकारी खुद अनिल अग्रवाल ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट के जरिए साझा की।
परिवार के अनुसार, अग्निवेश अग्रवाल कुछ समय पहले स्कीइंग हादसे में घायल हुए थे और न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनकी हालत में सुधार हो रहा था और परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द ठीक होकर लौटेंगे, लेकिन अचानक आई इस मेडिकल इमरजेंसी ने सब कुछ बदल दिया।
Today is the darkest day of my life.
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) January 7, 2026
My beloved son, Agnivesh, left us far too soon. He was just 49 years old, healthy, full of life, and dreams. Following a skiing accident in the US, he was recovering well in Mount Sinai Hospital, New York. We believed the worst was behind us.… pic.twitter.com/hDQEDNI262
अपने पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने लिखा, “आज मेरे जीवन का सबसे अंधेरा दिन है। मेरा प्रिय बेटा अग्निवेश हमें बहुत जल्द छोड़कर चला गया।” उन्होंने बताया कि अग्निवेश पूरी तरह स्वस्थ, ऊर्जावान और सपनों से भरा हुआ था। बेटे को खोने का दर्द बयान करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसा दुख है, जिसे शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।
अग्निवेश अग्रवाल वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड मेंबर थे। अपने करियर में उन्होंने कई अहम नेतृत्व भूमिकाएं निभाईं और सहकर्मियों के बीच एक सुलझे, संवेदनशील और सरल व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते थे। अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। वह न केवल एक बिजनेस लीडर थे, बल्कि खेल, संगीत और समाज सेवा में भी गहरी रुचि रखते थे।
उन्होंने मायो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई की, इसके बाद फुजैरा गोल्ड की स्थापना की और आगे चलकर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन बने। इतनी बड़ी उपलब्धियों के बावजूद, अग्निवेश हमेशा जमीन से जुड़े रहे और इंसानियत को सबसे ऊपर रखते थे। अनिल अग्रवाल ने लिखा, “मेरे लिए वह सिर्फ बेटा नहीं था, वह मेरा दोस्त, मेरा गर्व और मेरी पूरी दुनिया था।”
पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने बेटे के सपनों का जिक्र करते हुए कहा कि अग्निवेश आत्मनिर्भर भारत के विचार में विश्वास रखते थे और समाज के लिए कुछ करने का सपना देखते थे। बेटे की याद में उन्होंने दोहराया कि वे अपनी 75 प्रतिशत से अधिक कमाई समाज सेवा में दान करने का संकल्प निभाते रहेंगे और और भी सादा जीवन जीने की कोशिश करेंगे।
अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल भी वेदांता समूह के बोर्ड में शामिल हैं और वर्तमान में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं। अपने संदेश के अंत में अनिल अग्रवाल ने सभी शुभचिंतकों का आभार जताते हुए लिखा, “बेटा, तुम हमारे दिलों में, हमारे काम में और उन सभी जिंदगियों में हमेशा जिंदा रहोगे, जिन्हें तुमने छुआ।”
