बजट 2026 में यूपी की बल्ले-बल्ले: उत्तर प्रदेश के लिए घोषणाओं का 'महा-पिटारा'; 20 बड़े ऐलान का पूरा विवरण

उत्तर प्रदेश के लिए घोषणाओं का महा-पिटारा; 20 बड़े ऐलान का पूरा विवरण
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बजट 2026 में यूपी को 1500 किमी के हाईस्पीड कॉरिडोर, ₹32,075 करोड़ का मेट्रो विजन और ₹2.80 लाख करोड़ की टैक्स हिस्सेदारी मिली है।

₹2.80 लाख करोड़ की टैक्स हिस्सेदारी, हाईस्पीड रेल, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल और काशी में परिवहन पोर्ट जैसी योजनाएं यूपी को 'उत्तम प्रदेश' से 'आत्मनिर्भर प्रदेश' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

लखनऊ: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। 'विकसित भारत' के संकल्प में यूपी को सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ माना गया है।

रेल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अरबों रुपये के आवंटन के साथ यूपी को देश का सबसे आधुनिक राज्य बनाने का रोडमैप तैयार किया गया है।

​1. यूपी को 1,500 किमी के 2 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर

​बजट 2026 में उत्तर प्रदेश को रेल क्षेत्र की सबसे बड़ी सौगात मिली है। राज्य को कुल 1,500 किलोमीटर लंबे दो नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन रूट) की मंजूरी दी गई है।

इसमें दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस परियोजना के लिए रेलवे के कुल ₹2.65 लाख करोड़ के वार्षिक बजट में से एक विशेष हिस्सा आरक्षित किया गया है।

यह कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को 50% तक कम कर देगा, बल्कि इसके आसपास नए टाउनशिप और व्यापारिक केंद्रों का भी तेजी से विकास होगा।

​2. काशी (वाराणसी) में देश का पहला 'परिवहन पोर्ट'

​वाराणसी को देश का पहला ऐसा शहर बनाया जाएगा जहाँ सड़क, रेल और जलमार्ग एक ही हब पर एकीकृत होंगे। इस 'परिवहन पोर्ट' के विकास के लिए बुनियादी ढांचा कोष से विशेष बजटीय सहायता दी गई है।

यहाँ से माल की लोडिंग और अनलोडिंग सीधे जहाजों से ट्रेनों और ट्रकों में हो सकेगी। यह पोर्ट न केवल काशी बल्कि पूरे पूर्वांचल के लघु उद्योगों और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों से सीधे जोड़ने का काम करेगा।

​3. सभी 75 जिलों में एक-एक 'गर्ल्स हॉस्टल' का निर्माण

​महिला शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक उच्च गुणवत्ता वाला गर्ल्स हॉस्टल बनाने का एलान किया है। इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के माध्यम से एक विशेष बजट निर्धारित किया गया है।

इन हॉस्टलों में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ डिजिटल लाइब्रेरी और कौशल केंद्र भी होंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां शहरों में रहकर उच्च शिक्षा बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकें।

​4. यूपी मेट्रो विस्तार के लिए ₹32,075 करोड़ का विजन

​उत्तर प्रदेश के शहरों में शहरी ट्रांसपोर्ट को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए ₹32,075 करोड़ की केंद्रीय सहायता और निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो के अगले फेज के निर्माण को गति दी जाएगी।

साथ ही, मेरठ और प्रयागराज जैसे नए शहरों में मेट्रो और मेट्रो-लाइट नेटवर्क के विस्तार के लिए प्रारंभिक फंड जारी कर दिया गया है। इससे यूपी के करोड़ों शहरी नागरिकों को जाम मुक्त और सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी।

​5. केंद्रीय करों में यूपी की रिकॉर्ड हिस्सेदारी: ₹2.80 लाख करोड़

​केंद्र सरकार ने करों के बंटवारे में उत्तर प्रदेश के हिस्से में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। पिछले वित्त वर्ष के ₹2.55 लाख करोड़ के मुकाबले इस वर्ष यूपी को ₹2.80 लाख करोड़ मिलने का अनुमान है।

यह अतिरिक्त ₹25,000 करोड़ राज्य सरकार को अपनी विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण और नई सड़कों के जाल बिछाने में सीधे तौर पर मदद करेगा। यह आवंटन राज्यों में यूपी के लिए सबसे अधिक है।

​6. वाराणसी-पटना जलमार्ग विकास हेतु ₹15,000 करोड़

​गंगा नदी के जरिए व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए वाराणसी और पटना के बीच जहाज मरम्मत केंद्र और आधुनिक टर्मिनलों के निर्माण के लिए ₹15,000 करोड़ के निवेश का विजन रखा गया है।

अंतर्देशीय जलमार्ग विकास प्राधिकरण के माध्यम से इस क्लस्टर में नए निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे वाराणसी से हल्दिया तक माल की आवाजाही और सस्ती होगी, जिससे उत्तर प्रदेश के निर्यातकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ होगा।

​7. पीएम आवास योजना (ग्रामीण): यूपी को ₹20,000 करोड़ की राशि

​ग्रामीण उत्तर प्रदेश में 'सबको घर' के सपने को पूरा करने के लिए ₹20,000 करोड़ से अधिक के अनुदान और ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान किया गया है। यूपी के ग्रामीण इलाकों में पक्के मकान बनाने के लिए यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।

सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 के अंत तक यूपी की वेटिंग लिस्ट के सभी पात्र परिवारों को पक्की छत मुहैया करा दी जाए, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार होगा।

​8. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नया 'AIIMS' और हेल्थ हब

​स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नए AIIMS की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी और बजटीय प्रावधान किया है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रारंभिक तौर पर फंड आवंटित किया है।

यह नया संस्थान न केवल पश्चिमी यूपी बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए भी वरदान साबित होगा और दिल्ली व ऋषिकेश जैसे बड़े संस्थानों पर दबाव कम करेगा।

​9. धार्मिक पर्यटन: काशी, मथुरा, अयोध्या हेतु ₹5,000 करोड़

​उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्रों के कायाकल्प के लिए ₹5,000 करोड़ का विशेष विकास कोष बनाया गया है। इस राशि का उपयोग काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विस्तार, मथुरा-वृंदावन में ढांचागत सुधार और अयोध्या में बुनियादी सुविधाओं को वर्ल्ड क्लास बनाने में किया जाएगा।

इसका उद्देश्य पर्यटन को उद्योग का दर्जा देते हुए स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, होटल और अन्य सेवाओं के जरिए रोजगार पैदा करना है।

​10. बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर: ₹9,500 करोड़ का निवेश लक्ष्य

​डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ₹461 करोड़ के सरकारी फंड के साथ-साथ यहाँ ₹9,500 करोड़ के निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतों का एलान हुआ है।

बुंदेलखंड क्षेत्र को देश के रक्षा विनिर्माण का केंद्र बनाने के लिए यहाँ हथियारों और उपकरणों की टेस्टिंग यूनिट्स भी स्थापित होंगी। इससे पिछड़ा माने जाने वाला यह क्षेत्र रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा और पलायन रुकेगा।

​11. एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी: पटना-वाराणसी कॉरिडोर

​बुनियादी ढांचे में उत्तर प्रदेश और बिहार की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए पटना-पूर्णिया-बक्सर-वाराणसी एक्सप्रेस-वे परियोजना को बजट में अहम स्थान मिला है। इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने विशेष फंड जारी किया है।

यह एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रा का समय घटाएगा बल्कि पूर्वांचल के औद्योगिक क्षेत्रों के उत्पादों को सीधे बिहार और बंगाल की मंडियों तक तेजी से पहुँचाने में सक्षम बनाएगा।

​12. 6 करोड़ किसानों के लिए 'डिजिटल एग्री स्टैक'

​उत्तर प्रदेश के करोड़ों किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए 'डिजिटल एग्री स्टैक' योजना का एलान हुआ है। इसके तहत यूपी के सभी किसानों की जमीन, उनकी फसल और सरकारी सुविधाओं का पूरा डेटा डिजिटल होगा।

इसके लिए केंद्र सरकार ने विशेष तकनीकी बजट आवंटित किया है, जिससे किसानों को लोन, खाद की सब्सिडी और फसल बीमा का लाभ सीधे और बिना किसी भ्रष्टाचार के मिल सकेगा।

​13. प्राकृतिक खेती: 1,000 बायो-इनपुट संसाधन केंद्र

​खेती की लागत कम करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए यूपी में 1,000 नए बायो-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह कृषि बजट के ₹1.52 लाख करोड़ के भारी-भरकम फंड का हिस्सा है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को जैविक खाद और कीटनाशकों के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।

यूपी को प्राकृतिक खेती का मॉडल राज्य बनाने के लिए सरकार किसानों को विशेष प्रोत्साहन राशि भी देगी।

​14. कानपुर-लखनऊ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विस्तार

​कानपुर और लखनऊ के बीच स्थित औद्योगिक पट्टी को और भी आधुनिक बनाने के लिए 'प्लग एंड प्ले' औद्योगिक पार्कों के निर्माण का प्रस्ताव है। इसके लिए MSME मंत्रालय से विशेष सहायता दी जाएगी।

यहाँ छोटे और मझोले उद्योगों के लिए तैयार बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा, जहाँ युवा उद्यमी अपनी यूनिट्स तुरंत शुरू कर सकेंगे। इससे कानपुर और लखनऊ के बीच बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

​15. जेवर एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त कनेक्टिविटी फंड

​नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश का सबसे आधुनिक एयरपोर्ट बनाने के लिए इसे रेल, मेट्रो और सड़क मार्ग से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता दी गई है।

एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स पार्क और होटल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे पर करोड़ों का खर्च किया जाएगा। इससे पश्चिमी यूपी के निर्यातकों को वैश्विक पहुंच मिलेगी और पर्यटन भी बढ़ेगा।

​16. सिल्क सिटी वाराणसी के लिए टेक्सटाइल क्लस्टर

​वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध रेशम और हैंडलूम उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए एक आधुनिक टेक्सटाइल क्लस्टर और डिजाइन केंद्र बनाने के लिए फंड का प्रावधान किया गया है।

यहाँ बुनकरों को नई तकनीक और आधुनिक मशीनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, वाराणसी के उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए वैश्विक निर्यात पोर्टल से जोड़ने का विशेष अभियान बजट के तहत शुरू होगा।

​17. सौर ऊर्जा: 'पीएम सूर्य घर' योजना में यूपी के लिए बजट

​यूपी के 25 लाख से अधिक मध्यम वर्गीय घरों को सोलर पैनल से जोड़ने और उन्हें मुफ्त बिजली दिलाने के लिए सब्सिडी बजट का एक बड़ा हिस्सा यूपी को आवंटित किया गया है।

'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत यूपी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सोलर ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इससे नागरिकों के बिजली बिल कम होंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

​18. आकांक्षी जिले और ब्लॉक: विशेष विकास अनुदान

​उत्तर प्रदेश के पिछड़े और आकांक्षी जिलों व ब्लॉकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण स्तर सुधारने के लिए विशेष विकास अनुदान देने का एलान हुआ है।

नीति आयोग के माध्यम से इन जिलों को अतिरिक्त फंड दिया जाएगा ताकि वे विकास के मानकों में अन्य विकसित जिलों के बराबर आ सकें। इससे यूपी के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचेगा।

​19. स्टार्टअप इकोसिस्टम: लखनऊ और नोएडा के लिए फंड

​देश के ₹10,000 करोड़ के केंद्रीय स्टार्टअप फंड में उत्तर प्रदेश के लिए एक विशेष कोटा और प्रोत्साहन सुनिश्चित किया गया है। विशेष रूप से लखनऊ, नोएडा और कानपुर जैसे शहरों में काम कर रहे एग्री-टेक और फिन-टेक स्टार्टअप्स को सरकार से सीड फंडिंग और टैक्स में छूट मिलेगी।

इससे यूपी के मेधावी युवाओं को अपनी कंपनियों को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए आवश्यक पूंजी मिल सकेगी।

​20. 50 साल का ब्याज मुक्त ऋण: यूपी को ₹20,000 करोड़

​राज्यों को बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए दी जाने वाली 'कैपिटल एक्सपेंडिचर सपोर्ट' योजना के तहत यूपी को ₹20,000 करोड़ से अधिक का ब्याज मुक्त कर्ज मिलने की संभावना है।

यह 50 साल की अवधि के लिए होगा, जिससे राज्य सरकार अपनी लंबी चल रही परियोजनाओं जैसे गंगा एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड के कार्यों को बिना किसी वित्तीय तनाव के समय पर पूरा कर सकेगी।

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