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CRPF से रिटायरमेंट के बाद खेल में आयाम स्थापित कर रहे मुंशी सिंह शेखावत, अब तक 115 पदक जीत चुके

मास्टर्स एथलेटिक्स में अर्जित उपलब्धियों की बदौलत प्रेरणा स्रोत बन चुके मुंशीसिंह शेखावत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से सेवानिवृत्ति के 17 साल लंबे समय के बाद आज भी उसी ऊर्जा से भरपूर हैं और नित नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

CRPF से रिटायरमेंट के बाद खेल में आयाम स्थापित कर रहे मुंशी सिंह शेखावत, अब तक 115 पदक जीत चुके
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 सतनाली मंडी : प्रतियोगिता में पदक जीतने पर सम्मानित होते मुंशीसिंह शेखावत। फाइल: फोटो

सतनाली मंडी (नारनौल)। किसी ने सच ही कहा है कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र आड़े नहीं आती। सतनाली खंड के गांव सोहड़ी के करीब 74 वर्षीय रिटायर्ड कमांडेंट अधिकारी मुंशी सिंह शेखावत भी ऐसी ही शख्सियत हैं जिन्होंने अपनी उम्र को पीछे छोड़ते हुए खेल के प्रति अपने जज्बे से बुजुर्गों के लिए ही नहीं नौजवानों के लिए भी मिसाल कायम कर रहे हैं। मास्टर्स एथलेटिक्स में अर्जित उपलब्धियों की बदौलत प्रेरणा स्त्रोत बन चुके मुंशीसिंह शेखावत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से सेवानिवृत्ति के 17 साल लंबे समय के बाद आज भी उसी ऊर्जा से भरपूर हैं और नित नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

मुंशी सिंह शेखावत ने बताया कि 2004 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने मास्टर्स एथलेटिक्स के साथ जुड़कर 12 वर्ष में राज्य, राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय एवं वर्ल्ड ट्रैक एंड फील्ड मास्टर्स चैपिंयनशिप में 115 पदक जीत चुके हैं। इन पदकों में सिंगापुर, जापान व मलेशिया में आयोजित मास्टर्स एशियाड चैंपियनशिप में जीते मेडल भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2015 में लियोन, फ्रांस में आयोजित वर्ल्ड ट्रैक एंड फील्ड मास्टर्स चैंपियनशिप में उन्होंने 98 देशों के खिलाड़ियों के बीच 300 मीटर बाधा दौड़ में सातवां स्थान प्राप्त किया जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मुंशी सिंह शेखावत ने बताया कि वे 1970 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में भर्ती हुए थे और अपने 34 वर्ष के कार्यकाल के पश्चात 2004 में द्वितीय कमान अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने सेवाकाल के दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए देश के लिए सेवा दी। विशेष कार्य समूह (एसपीजी) के प्रथम बैच में चयनित होकर चार प्रधानमंत्रियों की व्यक्तिगत सुरक्षा में भी सराहनीय कार्य किया। जिसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री, लोकसभा स्पीकर, डायरेक्टर एसपीजी व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक की ओर से प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया। इसके अलावा 1999 में तत्कालीन राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने उत्कृष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया।

मुंशी सिंह शेखावत ने बताया कि वे प्रात: चार बजे उठते हैं और प्रतिदिन सैर व व्यायाम करते हैं। प्रतियोगिता से पहले समूह केंद्र के नई दिल्ली स्टेडियम में तैयारी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता के पीछे सकारात्मक सोच, संयमित दिनचर्या, माता-पिता से मिले संस्कार व शाकाहारी भोजन है। उन्होंने बताया कि उनके पिता पहलवान थे और उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध में भी भाग लिया था। इससे बचपन से ही उनकी खेल के प्रति रूचि थी। स्कूल स्तर 11वीं कक्षा में पढ़ते हुए पंजाब राज्य की वॉलीबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया और कॉलेज में भी वे बेस्ट खिलाड़ी चुने गए। मुंशीसिंह शेखावत ने बताया कि उन्होंने 2009 से 2021 तक एथलेटिक्स की स्टेट लेवल पर 49 गोल्ड, चार सिल्वर मेडल जीते। वहीं नेशनल लेवल पर 30 गोल्ड, 16 सिल्वर तथा छह ब्रॉन्ज मेडल जीते, जबकि इंटर नेशनल लेवल की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में छह गोल्ड, तीन सिल्वर तथा एक ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं।


मुंशीसिंह शेखावत द्वारा प्राप्त किए पदक।

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