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टीएस सिंहदेव बोले- 'लेमरू प्रोजेक्ट में ग्रामों को जोड़ना गलत', ग्राम सभा में सहमति न देने की दी सलाह

लेमरू प्रोजेक्ट का ग्रामीण पहले से ही विरोध कर रहे हैं, सरगुजा जिले के 39 गांव होंगे प्रभावित। पढ़िए पूरी खबर-

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टीएस सिंहदेव (फाइल फोटो)

अंबिकापुर। स्वास्थ्य और पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव और मंत्री प्रेमसाय सिंह सरगुजा जिले के खमरिया गांव पहुंचे। यहां उन्होंने करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात दी। इसके अलावा वे लेमरू हाथी प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों से चर्चा कर रहे हैं। लेमरू प्रोजेक्ट का ग्रामीण पहले से ही विरोध कर रहे हैं। बता दें लेमरू प्रोजेक्ट से सरगुजा जिले के 39 गांव होंगे प्रभावित कर रहे हैं।

मंत्री सिंहदेव से क्षेत्रीय ग्रामीणों ने कहा कि- अधिकारी गाँव पहुंच कर लेमरु प्रोजेक्ट में गांव के शामिल होने को लेकर सहमति मांग रहे हैं। इस मसले पर ग्रामीणों से मिली जानकारी के बाद बिफरे मंत्री टीएस सिंहदेव ने मंच से कहा कि- " मैं आपके साथ हूँ, आपके निर्णय के साथ हूँ, मेरा व्यक्तिगत मानना है कि इन ग्रामों को जोड़ा जाना गलत है। मेरी सलाह है ग्रामसभा में सहमति मत देना, पर अंतिम निर्णय आपका।"

ग्रामीणों से संवाद के बाद मंच से सिंहदेव ने कहा

"मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि लेमरु प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल क्यों बढ़ाया जा रहा है, और इसमें दूर किनारे बसे गाँवों को शामिल करने की क्या जरुरत है।"

इसके अलावा सिंहदेव ने कहा कि- "यह कतई मत सोचिए कि, बाबा इस सरकार में है और बाबा ग्रामसभा करा कर सहमति ले रहे हैं, यह लोकतंत्र है आप ही राजा हैं.. आप सहमत नही है तो फिर नही है.. जरुरत पड़ी तो आपके साथ अनशन करुंगा, धरना करुंगा.. आमरण अनशन करुंगा"

बता दें लेमरु प्रोजेक्ट हाथी अभ्यारण्य है और इसकी सीमा में विस्तार करने का सरकार का निर्णय है। इसे लेकर सरगुजा वन मंडल के 38 और सूरजपुर वन मंडल के 8 गाँव इस विस्तार से लेमरु हाथी प्रोजेक्ट में शामिल हो जाएँगे। विशेष ग्राम सभाएँ आयोजित कर इसमें सहमति लेने के आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलचल ने ग्रामीणों को गहरे से नाराज कर दिया। 14 दलों में बंटे हाथियों के एक-एक दल की अस्थायी फेंसिंग के घेरे में लेमरू में एंट्री करवाई जाएगी।

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