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दिव्यांगजनों को यूआईडी के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, मंत्री बोलीं- पंजीयन के लिए देंगे घर पहुंच सेवा

भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नई दिल्ली द्वारा दिव्यांगजनों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार के उद्देश्य से विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र परियोजना का क्रियान्वयन सम्पूर्ण देश में किया जा रहा है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में पूर्व में जारी किए गए मैन्युअल दिव्यांगता प्रमाण पत्र को एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत कर दिव्यांगजनों को एकल दस्तावेज के रूप में यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध करना एवं दिव्यांगजनों अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाना है। पढ़िए पूरी खबर-

दिव्यांगजनों को यूआईडी के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, मंत्री बोलीं- पंजीयन के लिए देंगे घर पहुंच सेवा
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रायपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा यूडीआईडी परियोजना के तहत वंचित दिव्यांगजनों तक पहुंच बनाकर शत-प्रतिशत दिव्यांगजनों का विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) बनाने अगस्त माह में स्वावलंबन मास का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में 9 जिलों रायपुर, बिलासपुर, कबीरधाम, बलौदाबाजार, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़ और बस्तर की प्रगति राज्य की औसत प्रगति से कम होने के कारण पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले का चयन स्वावलंबन मास हेतु किया गया है, जिसमें समस्त दिव्यांगजन आसानी से अपना यूडीआईडी कार्ड बनवा सकते हैं। इस दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के चिन्हांकित दिव्यांगजनों तक पहुंच हेतु ''स्वावलंबन रथ'' (मोबाइल यूनिट) का संचालन भी किया जा रहा है। स्वावलंबन मास के दौरान कोविड-19 के सुरक्षा मानकों का पालन करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने अपील की है कि स्वावलंबन मास का लाभ उठाते हुए सभी दिव्यांगजन अपना यूडीआईडी कार्ड बनवा लें। उन्होंने कहा है कि सरकार खुद सभी यूडीआईडी से वंचित दिव्यांगजनों तक पहुंचकर उनके कार्ड बनाने का प्रयास कर रही है। यह पहचान पत्र दिव्यांगों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायता करेगा। परियोजना के क्रियान्वयन हेतु जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर की अध्यक्षता में जिले की भौगोलिक स्थिति एवं चिन्हांकित दिव्यांगजनों के आंकड़ों के आधार पर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रानुसार कार्ययोजना तैयार की गई है। जिला स्तर पर समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त अन्य विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया गया है, ताकि स्वावलंबन मास में दिव्यांगजनों के प्रमाणीकरण हेतु दस्तावेजों के संकलन में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित हो सकें। केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा दिव्यांगजनों हेतु संचालित योजना/कार्यक्रमों में एकल दस्तावेज के रूप में यूडीआईडी कार्ड (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र) को स्वीकार किया जाना प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नई दिल्ली द्वारा दिव्यांगजनों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार के उद्देश्य से विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र परियोजना का क्रियान्वयन सम्पूर्ण देश में किया जा रहा है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में पूर्व में जारी किए गए मैन्युअल दिव्यांगता प्रमाण पत्र को एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत कर दिव्यांगजनों को एकल दस्तावेज के रूप में यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध करना एवं दिव्यांगजनों अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाना है।

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