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इस बार संवेदनशील केंद्र दो से तीन गुना अधिक, अतिरिक्त उड़नदस्ता तैनात करेगा माध्यमिक शिक्षा मंडल

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली दसवीं-बारहवीं की परीक्षाओं में इस बार संवेदनशील केंद्रों की संख्या बीते वर्ष की तुलना में दो से तीन गुनी अधिक होगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार माशिम ने छात्रों को उनके स्कूलों में ही परीक्षा दिलाने की विशेष सुविधा प्रदान की है।

इस बार संवेदनशील केंद्र दो से तीन गुना अधिक, अतिरिक्त उड़नदस्ता तैनात करेगा माध्यमिक शिक्षा मंडल
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रायपुर. माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली दसवीं-बारहवीं की परीक्षाओं में इस बार संवेदनशील केंद्रों की संख्या बीते वर्ष की तुलना में दो से तीन गुनी अधिक होगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार माशिम ने छात्रों को उनके स्कूलों में ही परीक्षा दिलाने की विशेष सुविधा प्रदान की है। इसके कारण परीक्षा केंद्र भी मौजूदा सत्र में बढ़ गए हैं। बीते वर्ष 2,200 स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस वर्ष लगभग 6 हजार स्कूलों में परीक्षा होगी। इन स्कूलों में कई ऐसे भी हैं, जो दूरस्थ क्षेत्रों में हैं। राजधानी और बड़े शहरों में संवेदनशील केंद्र अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों में ये अधिक हैं। माशिम ने सभी जिलों में खत लिखकर वहां के संवेदनशील केंद्रों की सूची मांगी है। गौरतलब है कि बीते वर्ष संवेदनशील केंद्रों की संख्या 156थी। इस वर्ष यह संख्या 300 से अधिक रह सकती है।

इस बार अधिक मशक्कत

जिलों द्वारा अभी तक माशिम को संवेदनशील केंद्रों की सूची सौंपी नहीं गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एक-दो दिनों में माशिम को केंद्रों की सूची भी जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रेषित कर दी जाएगी। संवेदनशील केंद्रों की सूची मिलते ही माशिम द्वारा इन केंद्रों के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जानी प्रारंभ कर दी जाएंगी। चुंकि इन केंद्रों की संख्या अधिक है, इसलिए माशिम द्वारा उड़नदस्ते की अतिरिक्त टीम तैयार की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित जिलों के जिला प्रशासन से संपर्क कर व्यवस्था बनाने के लिए सहयोग मांगेगा। पारदर्शिता बनाए रखने और नकल प्रकरण रोकन इस वर्ष माशिम को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ सकती है।

दो गुने से अधिक

सभी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं, इसलिए संवदेनशील केंद्रों की संख्या बढ़ेगी। बीते वर्ष की तुलना में दोगुना से भी अधिक संख्या रह सकती है।

- प्रो.वीके गोयल, सचिव, माशिम

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