Eid al-Fitr 2026 को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। जानें सऊदी अरब, UAE और भारत में ईद कब मनाई जाएगी, चांद दिखने की ताजा अपडेट, साथ ही इस पवित्र त्योहार का इतिहास, महत्व और जश्न से जुड़ी खास बातें।

मुस्लिम समुदाय का सबसे पाक और बड़े त्योहार ईद अल-फितर की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस त्योहार का दुनियाभर के मुसलमान बेसव्री से इंतजार कर रहे हैं। खासतौर पर 2026 में ईद की सही तारीख को लेकर काफी उत्सुक हैं। क्योंकि मीठी ईद शव्‍वाल का चांद दिखने पर निर्भर करती है। 

इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है। और चांद सभी देशों में एक ही दिन दिखाई नहीं देता, इसीलिए ईद की सही तारीख को लेकर हर साल काफी उत्सुकता रहती है। इसके कारण गल्फ देश जैसे- सऊदी अरब, UAE और खाड़ी के अन्य देश अक्सर ईद का त्योहार पहले सेलिब्रेट करते हैं। वहीं, भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में ईद एक दिन बाद मनाई जाती है।

ईद अल-फितर 2026: सऊदी अरब, UAE और भारत में किस दिन मनाई जाएगी? 
आमतौर पर रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है। इसके बाद ईद-उल-फितर या मीठी ईद मनाई जाती है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार शव्वाल का चांद दिखने के बाद मनाई जाती है, जो इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर का 10वां महीना होता है। इस त्योहार को दुनिया भर में बड़े उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है।

सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने लोगों से 18 मार्च 2026 की शाम को शवाल का चाँद देखने की अपील की थी, क्योंकि इसी से रमजान खत्म होने का पता चलता है। लेकिन 18 मार्च को चाँद नहीं दिखा, इसलिए सऊदी अरब और UAE ने घोषणा की कि वे ईद 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) को मनाएंगे। कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान जैसे अन्य गल्फ देश भी उसी दिन ईद मनाएंगे।

वहीं, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में ईद आमतौर पर एक दिन बाद मनाई जाती है। ऐसे में यहां 20 मार्च को आखिरी रोज़ा रखा जाएगा और ईद 21 मार्च 2026 (शनिवार) को मनाई जाएगी।

ईद अल-फितर 2026: इतिहास, महत्व और उत्सव
ईद अल-फितर की शुरुआत पैगंबर मुहम्मद के समय हुई थी, जब उन्होंने इस्लामिक त्यौहारों में दो महत्वपूर्ण छुट्टियाँ स्थापित कीं: ईद अल-फितर और ईद अल-अधा। ईद की शुरुआत सुबह की प्रार्थना ईद सालाह (Eid Salah) से होती है, जो आमतौर पर मस्जिदों या खुले मैदानों में आयोजित की जाती है। इसके बाद परिवार और मित्रों के साथ दावतों का आयोजन होता है, जिसमें मीठे व्यंजन जैसे सेवइयां (वर्मिसेली), खीर और फिरनी शामिल होते हैं। इस वजह से इसे “मीठी ईद” भी कहा जाता है।

त्यौहार के दिन लोग एक-दूसरे को “ईद मुबारक” कहते हैं और गले मिलते हैं, जो प्यार और भाईचारे का प्रतीक है। लोग अपने प्रियजनों के साथ समय बिताते हैं और खुशियाँ साझा करते हैं। ईद अल-फितर अल्लाह की दया और कृपा के लिए आभार व्यक्त करने का अवसर है। साथ ही यह त्यौहार परिवारों और समुदायों में एकता, प्रेम, करुणा और दान की भावना को बढ़ावा देता है।