Chronic Snoring: बहुत से लोग खर्राटे की समस्या से परेशान रहते हैं। कई बार तो आसपास के लोगों को भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Chronic Snoring: रात की नींद अगर खर्राटों की आवाज़ से टूट जाए तो अगली सुबह थकान और चिड़चिड़ापन तय है। कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार आने वाले तेज खर्राटे सेहत के लिए चेतावनी भी हो सकते हैं। यह समस्या सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि युवा भी इससे जूझ रहे हैं।

डॉक्टरों के मुताबिक, खर्राटे तब आते हैं जब सोते समय गले की मांसपेशियां ढीली होकर सांस की नली को आंशिक रूप से संकुचित कर देती हैं। इससे हवा के गुजरने पर कंपन होता है और आवाज पैदा होती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

खर्राटे क्यों आते हैं?

खर्राटों के पीछे कई कारण हो सकते हैं मोटापा, नाक बंद रहना, एलर्जी, साइनस की समस्या, धूम्रपान या गलत सोने की पोजीशन। पीठ के बल सोने से जीभ पीछे की ओर खिसक जाती है, जिससे सांस लेने में रुकावट आती है और आवाज बढ़ जाती है।

अगर खर्राटों के साथ सांस रुकने की समस्या भी हो, तो यह स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सोने की पोजीशन बदलें
पीठ के बल सोने के बजाय करवट लेकर सोने की आदत डालें। इससे जीभ और गले की मांसपेशियां सांस की नली को ब्लॉक नहीं करतीं। आप तकिए की मदद से शरीर को एक साइड सपोर्ट दे सकते हैं ताकि पोजीशन न बदले।

भाप लें और नाक साफ रखें
अगर नाक बंद रहने के कारण खर्राटे आते हैं, तो सोने से पहले गर्म पानी की भाप लें। इसमें नीलगिरी या पुदीना तेल की कुछ बूंदें डाल सकते हैं। इससे नाक की सूजन कम होती है और सांस लेने में आसानी मिलती है।

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वजन नियंत्रित रखें
अधिक वजन होने पर गर्दन के आसपास चर्बी जमा हो जाती है, जिससे सांस की नली संकरी हो सकती है। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाकर वजन कम करने से खर्राटों में कमी आ सकती है।

गले की एक्सरसाइज करें
कुछ सरल एक्सरसाइज गले की मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं। जैसे दिन में कुछ मिनट तक ऊँची आवाज में स्वर बोलना या जीभ को आगे-पीछे करना। इससे मांसपेशियों की टोन बेहतर होती है और कंपन कम होता है।

हल्दी वाला दूध या शहद
सोने से पहले गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर पीना फायदेमंद हो सकता है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन कम करने में मदद करते हैं। वहीं, शहद गले को कोट करता है और सांस की नली को खुला रखने में सहायक हो सकता है।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

अगर खर्राटों के साथ सांस रुकना, तेज सिरदर्द, दिनभर नींद आना या ब्लड प्रेशर की समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय रहते इलाज करवाना जरूरी है।

(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)

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(लेखक:कीर्ति)