Travel Destination: गोवा या शिमला नहीं, यह भारतीय शहर बन रहा है ग्लोबल ट्रैवलर्स की नई पसंद

ग्लोबल ट्रैवलर्स के बीच तिरुअनंतपुरम काफी लोकप्रिय हो गया है।
Travel Destination: अब ट्रैवल सिर्फ गोवा के बीच, शिमला या जयपुर के किलों तक सीमित नहीं रह गई है। आज का ग्लोबल ट्रैवलर कुछ अलग, शांत और अनुभवों से भरी जगहों की तलाश में है। यही वजह है कि दुनिया भर के पर्यटक अब उन डेस्टिनेशन्स की ओर रुख कर रहे हैं, जो अब तक मेनस्ट्रीम ट्रैवल मैप से थोड़ा दूर थे।
भारत में भी इनबाउंड टूरिज़्म का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। केरल का एक शहर विदेशी पर्यटकों के बीच सबसे तेजी से उभरता डेस्टिनेशन बन गया है। खास बात यह है कि यह शहर गोवा, जयपुर या मुंबई नहीं, बल्कि केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम है, जिसने ग्लोबल ट्रैवलर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रैंकिंग में तिरुवनंतपुरम की छलांग
अगोडा की सालाना न्यू होरिजन रैंकिंग्स में तिरुवनंतपुरम ने 2024 में 33वें स्थान से छलांग लगाकर 2025 में 22वां स्थान हासिल किया है। यानी सिर्फ एक साल में 11 पायदान ऊपर। यह रैंकिंग पिछले दो वर्षों के इंटरनेशनल होटल बुकिंग डेटा के आधार पर तैयार की गई है, जो एशिया के उन डेस्टिनेशन्स को दिखाती है, जहां अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की रुचि सबसे तेजी से बढ़ी है।
दिलचस्प बात यह है कि तिरुवनंतपुरम ने कभी खुद को एग्रेसिव तरीके से टूरिज़्म हॉटस्पॉट के रूप में पेश नहीं किया, फिर भी इसकी सादगी, शांति और गहराई भरे अनुभव इसे खास बना रहे हैं।
तिरुवनंतपुरम का अलग ही है आकर्षण
केरल को यूं ही गॉड्स ओन कंट्री नहीं कहा जाता। तिरुवनंतपुरम इस नाम को पूरी तरह से जीता है। यहां शांत समुद्र तट, हरियाली से ढकी पहाड़ियां, बैकवॉटर के करीब लोकेशन और ऐतिहासिक धरोहरों का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है।
यह शहर उन यात्रियों के लिए परफेक्ट है जो भीड़-भाड़ से दूर, धीमी रफ्तार में जगह को महसूस करना चाहते हैं। यहां के बीच, मंदिर और नेचर स्पॉट्स समय को थाम लेने जैसा अनुभव देते हैं।
इतिहास और आस्था का संगम
तिरुवनंतपुरम को मलयालम में ‘सिटी ऑफ अनंथा’ कहा जाता है। इसका नाम भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप, शेषनाग पर शयन मुद्रा से जुड़ा है। यही स्वरूप यहां के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में विराजमान है।
भारत के सबसे समृद्ध मंदिरों में गिने जाने वाला यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शहर की आत्मा है। इसकी भव्य द्रविड़ वास्तुकला, सदियों पुरानी परंपराएं और रहस्यमयी इतिहास दुनियाभर से श्रद्धालुओं और यात्रियों को आकर्षित करता है।
समुद्र, संस्कृति और सुकून सब एक जगह
तिरुवनंतपुरम की खासियत है इसका संतुलन। यहां कोवलम बीच जैसे समुद्र तट हैं, जहां सुनहरी रेत, लाइटहाउस के नज़ारे और शांत सनसेट ट्रैवलर्स को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। साथ ही यह बीच वॉटर स्पोर्ट्स और आयुर्वेदिक वेलनेस रिट्रीट्स के लिए भी जाना जाता है।
संस्कृति प्रेमियों के लिए नेपियर म्यूज़ियम और श्री चित्रा आर्ट गैलरी किसी खजाने से कम नहीं। यहां इंडो-सारसेनिक आर्किटेक्चर, दुर्लभ कलाकृतियां, तंजौर पेंटिंग्स और मुगल मिनिएचर आर्ट देखने को मिलती हैं, जो केरल की कलात्मक विरासत को करीब से समझने का मौका देती हैं।
आयुर्वेद और स्लो ट्रैवल का हब
तिरुवनंतपुरम की पहचान आयुर्वेद और वेलनेस से भी गहराई से जुड़ी है। यहां के आयुर्वेदिक सेंटर और रिट्रीट्स विदेशी पर्यटकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। स्लो ट्रैवल, माइंडफुल ट्रिप्स और हेल्थ फोकस्ड जर्नी की बढ़ती मांग ने इस शहर को और मजबूत दावेदार बना दिया है।
यह जगह अब सिर्फ एक स्टॉपओवर नहीं, बल्कि ठहरने, महसूस करने और खुद से जुड़ने की डेस्टिनेशन बन चुकी है।
घरेलू ट्रैवल में भी बदलता ट्रेंड
यह बदलाव सिर्फ विदेशी यात्रियों तक सीमित नहीं है। घरेलू स्तर पर भी लोग अब नए अनुभवों की तलाश में हैं। अगोडा की लिस्ट में इंदौर को भारत का उभरता घरेलू डेस्टिनेशन बताया गया है। साफ-सफाई, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और छप्पन दुकान जैसी स्ट्रीट फूड पहचान के साथ इंदौर परंपरा और आधुनिकता का बेहतरीन संतुलन पेश करता है।
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