RSSB Peon Recruitment: चपरासी भर्ती की दूसरी पारी का फिर जारी होगा रिजल्ट, जानें पूरा मामला

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने एक अहम और बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने चपरासी (ग्रेड फोर्थ) भर्ती परीक्षा में शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट ऑनलाइन जारी कर दी है। इसके साथ ही एक विवादित प्रश्न को लेकर बोर्ड ने अपना फैसला बदलते हुए दूसरी पारी का परिणाम दोबारा तैयार करने का निर्णय लिया है।
गुरुवार को चयन बोर्ड ने चपरासी भर्ती की चयन प्रक्रिया में शामिल करीब 1 लाख 41 हजार शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी। अब अभ्यर्थी अपनी ओएमआर शीट न केवल देख सकते हैं, बल्कि एक महीने तक उसे डाउनलोड भी कर सकेंगे। इससे उम्मीदवार खुद अपने उत्तरों की जांच कर पाएंगे और किसी भी तरह की शंका दूर कर सकेंगे।
चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि हाल के दिनों में ओएमआर शीट को लेकर विवाद सामने आया था, जिससे भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने यह फैसला लिया है कि आगे से सभी भर्ती परीक्षाओं की ओएमआर शीट ऑनलाइन सार्वजनिक की जाएंगी। इसकी शुरुआत ग्रेड फोर्थ भर्ती परीक्षा से की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी अभ्यर्थी को अपनी ओएमआर शीट में गड़बड़ी, छेड़छाड़ या किसी तरह की आपत्ति नजर आती है, तो वह तय प्रक्रिया के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इससे उम्मीदवारों को अपनी आंसर की खुद जांचने का मौका मिलेगा और विवाद की स्थिति में समय रहते समाधान किया जा सकेगा।
वहीं, बोर्ड ने दूसरी पारी के एक प्रश्न को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। यह विवाद प्रश्न संख्या 108 से जुड़ा है। प्रोविजनल आंसर की में इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (D) माना गया था, लेकिन फाइनल आंसर की में बिना किसी आपत्ति के इसे बदलकर विकल्प (B) कर दिया गया। अभ्यर्थियों के विरोध और तथ्यों की जांच के बाद अब बोर्ड ने फिर से विकल्प (D) को ही सही उत्तर मानने का निर्णय लिया है।
इस बदलाव के चलते दूसरी पारी का परीक्षा परिणाम दोबारा तैयार किया जाएगा। अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि उत्तर में संशोधन के कारण पूरी मेरिट लिस्ट रिवाइज होगी। इसका असर खासतौर पर बॉर्डर लाइन पर खड़े अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। संशोधित परिणाम के बाद जहां कुछ अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो सकते हैं, वहीं नए अभ्यर्थियों को मेरिट में जगह मिल सकती है।
बोर्ड का कहना है कि यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है और भविष्य में भी निष्पक्षता के साथ परीक्षाओं का आयोजन किया जाता रहेगा।
