Haryana Police Constable: पुलिस कांस्टेबल की आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट, अंतिम तिथि भी आगे बढ़ी

Haryana Police Constable: हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में अधिकतम आयु सीमा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की अतिरिक्त आयु छूट देने की घोषणा की है। इसके साथ ही आवेदन करने की अंतिम तिथि भी आगे बढ़ा दी गई है।
यह फैसला उन हजारों युवाओं के लिए राहत लेकर आया है, जो सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) में देरी और पिछली भर्तियों के रद्द होने के कारण आयु सीमा पार कर चुके थे। आयोग के अनुसार, पुलिस कॉन्स्टेबल के करीब 5500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसमें अब पहले से अधिक उम्मीदवारों को आवेदन का मौका मिलेगा।
CET में देरी बनी आयु छूट का कारण
एचएसएससी अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आयोग के सामने यह समस्या रखी थी कि वर्ष 2022 के बाद लगातार तीन वर्षों तक सीईटी परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। इस दौरान 2022 और 2023 की पुलिस कॉन्स्टेबल भर्तियां भी रद्द कर दी गईं।
इस कारण कई अभ्यर्थी न तो समय पर सीईटी दे पाए और न ही पुलिस भर्ती में शामिल हो सके। यहां तक कि जिन उम्मीदवारों ने पिछले वर्ष सीईटी पास कर ली थी, वे भी आयु सीमा के कारण आवेदन से वंचित रह गए। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने आयु में राहत देने का निर्णय लिया।
आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ी
आयोग ने आयु सीमा में छूट के साथ-साथ उम्मीदवारों को आवेदन के लिए 6 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया है। अब पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी, रात 11:59 बजे तक बढ़ा दी गई है। आवेदन प्रक्रिया 11 जनवरी से शुरू हुई थी।
इस भर्ती के तहत
- पुरुष कॉन्स्टेबल: 4500 पद
- महिला कॉन्स्टेबल: 600 पद
- जीआरपी कॉन्स्टेबल: 400 पद
अब तक 1.90 लाख से अधिक उम्मीदवार आवेदन कर चुके हैं। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मिला फैसला
युवाओं की लगातार मांग और समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मुद्दे पर गंभीरता से संज्ञान लिया। उनके निर्देश के बाद एचएसएससी ने अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट देने का फैसला किया, जिससे बड़ी संख्या में ओवरएज हो चुके उम्मीदवारों को दोबारा मौका मिल सके।
